July 15, 2026

यमुना का तांडव, जलमग्न हुआ राजघाट, सीवर लॉक, पानी सप्लाई बंद, श्मशान घाटों पर ताला, सप्लाई चेन भी ठप

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नईदिल्ली

देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों लगातार यमुना का प्रकोप (yamuna flood delhi) झेल रही है। शुक्रवार की सुबह जब दिल्ली के लोग राजघाट के पास पहुंचे तो चौंकाने वाला नजारा देखने को मिला। मॉर्निंग वॉक पर पहुंचे लोगों ने देखा कि राजघाट पार्क जलमग्न हो गया है। इसी के साथ बापू की समाधि स्थल तक पानी पहुंच गया है।  

सड़कों से लेकर गलियों तक में पानी भरा है. लोग घरों में कैद हैं. कई इलाकों में जन-जीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है. यमुना का जलस्तर अभी भी डेंजर लेवल से ऊपर 208.29 मीटर पर है. राजधानी की आबादी के सामने पीने के पानी का संकट है. बाढ़ के कारण तीन वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद हो गए हैं. जगह- जगह सीवर लॉक हैं. श्मशान घाट से लेकर शेल्टर होम तक पर ताला लग गया है. जरूरी सामानों की सप्लाई भी ठप है. यमुना के पानी में डूबे इलाकों में लोगों की दिक्कतें कम नहीं हुई हैं.

आइए जानते हैं राजधानी के हालात…

दिल्ली में तीन सबसे बड़े वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल सोधन संयंत्र को बंद करना पड़ा है. यमुना का पानी पंप और मशीनों में घुस गया है. 25% पानी की सप्लाई प्रभावित हो गई है. ये तीनों प्लांट अगले दो दिन बंद रहेंगे. ऐसे में दिल्ली की बड़ी आबादी के सामने पानी की परेशानी बढ़ गई है.

सीएम अरविंद केजरीवाल का कहना है कि जैसे ही यमुना का पानी कम होगा, जल्द से जल्द तीनों प्लांट चालू करने की कोशिश करेंगे. अब तक 20,000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है. 50 नाव तैनात हैं. जरूरत पड़ने पर नावों की संख्या बढ़ाई जाएगी.

सीवेज का पानी घरों में घुसा

मुखर्जी नगर के डीडीए फ्लैट्स में रहने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर चंद्रचूड़ सिंह ने कहा, वे पिछले दो दिनों से बदबूदार हालात में रह रहे हैं. घुटने तक सीवेज का पानी हमारे घरों में घुस गया है. बार-बार गुहार लगाने के बावजूद कोई भी मदद नहीं मिल पा रही है. उन्होंने कहा, यहां 376 फ्लैट हैं. हम नजफगढ़ नाले के कारण इस समस्या का सामना कर रहे हैं. हालांकि, अधिकारियों ने दावा किया कि सीवेज का पानी दिल्ली जल बोर्ड के मैनहोल में रिसाव के कारण इलाके में पहुंच गया है, ना कि नजफगढ़ नाले से.

सड़कें बनी दरियां… बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर लोग

यमुना नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से सड़कें दरिया में बदल गईं हैं. घरों, अस्पतालों, श्मशान घाटों और शेल्टर होम में पानी घुस गया है. दिल्ली में स्थिति गंभीर होने के बावजूद जीवन को संकट में भी डाला जा रहा है. कुछ लोगों ने रिलीफ कैंप में जाने के बजाय अपनी बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों पर रहना पसंद किया है. कई लोगों को पानी से अपनी जरूरी चीजें बचाने की कोशिश करते देखा जा रहा है. बाढ़ के कारण लाल किला 14 जुलाई तक आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है.

श्मशान घाट, अस्पताल और शेल्टर होम भी बंद हो गए…

–  दिल्ली नगर निगम ने बुधवार को एक एडवाइजरी जारी की. लोगों से अंतिम संस्कार के लिए निगमबोध घाट नहीं जाने को कहा. यमुना का जलस्तर बढ़ने के कारण गीता कॉलोनी स्थित श्मशान घाट को भी बंद कर दिया गया है.

– दिल्ली नागरिक निकाय ने शवों को पंचकुइयां रोड, सत नगर, पंजाबी बाग, ग्रीन पार्क, दक्षिणपुरी या अधिमानतः अपने पड़ोस के अन्य श्मशान घाटों पर ले जाएं।

– दिल्ली सरकार द्वारा संचालित सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वार पर पानी भर गया. अधिकारियों को 40 मरीजों को एलएनजेपी अस्पताल में शिफ्ट करवाना पड़ा.

– एलएलजेपी अस्पताल में भर्ती 40 मरीजों को शिफ्टिंग की जरूरत है. वेंटिलेटर में रखे गए तीन मरीजों को पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है. बाकी को भी वहां से शिफ्ट किया जा रहा है. अस्तपाल पानी से घिर गया है.

–  पुरानी दिल्ली के गांधी पार्क और यमुना बैंक के गीता घाट स्थित दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के दो आश्रय घरों में भी पानी घुस गया, जिससे वहां रहने वाले लोगों को बाहर निकलना पड़ा.

यहां बाढ़ का खतरा

दिल्ली में भजनपुरा, सीलमपुर, शाहदरा, मयूर विहार, अशोक नगर, गांधीनगर, सिविल लाइन, मजनू का टीला, किराड़ी, किंग्सवे कैंप, खजूरीखास, शास्त्री नगर, गीता कॉलोनी, लक्ष्मीनगर, शकरपुर, अक्षरधाम, गणेश नगर, पांडव नगर, समसपुर, चिल्ला में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

सड़कें भी बंद की गईं

इसके अलावा, कश्मीरी गेट और रिंग रोड को बंद कर दिया गया है. आइटीओ तक पानी पहुंच गया है. ईस्ट दिल्ली से लेकर सेंट्रल दिल्ली और कनॉट प्लेस तक आने-जाने की सड़कें प्रभावित हैं. भैरों मार्ग बंद कर दिया गया है. लाल किले के पास बाहरी रिंग रोड, विश्वकर्मा कॉलोनी, यमुना बाजार, आईएसबीटी बस टर्मिनल, कश्मीरी गेट, शंकराचार्य रोड, मजनू का टीला, बटला हाउस, किरारी और किंग्सवे कैंप उन अन्य क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं.

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