June 28, 2026

‘जाति न पूछो साधु की पूछ लीजिए ज्ञान’, Teachers Day पर आनंद कुमार ने शिक्षकों को क्यों दिखाया आईना

0
td.jpg

नई दिल्ली
शिक्षकों को माता-पिता से भी बड़ा दर्जा दिया गया है क्योंकि एक शिक्षक ही किसी छात्र को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाता है। दुनिया में हर इंसान की जिंदगी में शिक्षकों का एक अहम योगदान रहा है। आज के समय शिक्षक मौजूद हैं, जो अपने छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करते हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के जाने-माने और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने वाले शिक्षक आनंद कुमार (Anand Kumar) ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट लिखा है।

दो छात्रों के सुसाइड का किया जिक्र
इस पोस्ट में उन्होंने दो स्टूडेंट्स, सचिन और सानिया के सुसाइड का जिक्र किया। उन्होंने लिखा,"कुम्हार के हाथों का कमाल! एक ऐसी अद्भुत रचना जब मिट्टी आकार ले लेती है। अब मिट्टी से राम बना लो या रावण इसकी कमान तो उस कुम्हार के हाथों में है, जिसमें सृजन की विलक्षण प्रतिभा है। देश के भविष्य निर्माण में भी शिक्षकों की भूमिका एक कुशल कुम्हार से कम नहीं होती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों में दो घटनाओं ने तो मुझे झकझोर दिया है |

उन्होंने आगे लिखा,"राजस्थान के बहरोड़ में 10वीं के छात्र सचिन और यूपी के बाराबंकी में 14 साल की छात्रा सानिया ने खुदकुशी कर ली। वजह एक ही थी कि शिक्षकों ने जाति को लेकर ताना मारा था। मजाक उड़ाया। भारी बेइज्जती की।

जाति न पूछो साधु की पूछ लीजिए ज्ञान
आनंद कुमार ने आगे लिखा,"कहां आज हम चांद और सूर्य पर जाने की बात कर रहें हैं  और आज वही हमारे देश में विद्यार्थियों की पहचान जाति के आधार पर करके उन्हें इस कदर प्रताड़ित किया जा रहा है कि वे आत्महत्या के लिए विवश हो जाते हैं |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *