September 24, 2024

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा, चार निलंबित और एक पर एफआईआर

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रांची.

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गड़बड़ी करने वाले राज्य के चार अस्पतालों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा एक अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गड़बड़ी करने वाले राज्य के चार अस्पतालों को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा एक अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। झारखंड स्टेट आरोग्य समिति के कार्यकारी निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने कहा है कि योजना के तहत गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

झारखंड आरोग्य सोसाइटी की ओर से 250 से अधिक अस्पतालों से गड़बड़ी करने पर स्पष्टीकरण मांगा गया है, वहीं 78 अस्पतालों को योजना की सूची से हटाया (असूचीबद्ध) गया है। इसमें रांची के नौ अस्पताल भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बीते माह जिन अस्पतालों को निलंबित किया गया है, उसमे मातृछाया हॉस्पिटल हजारीबाग, जेपी हॉस्पिटल धनबाद, जेनेटिक हॉस्पिटल रांची और नयनसुख नेत्रालय धनबाद शामिल है।

वही दो योजनाओं (एनपीसीबी और आयुष्मान) से एक ही लाभुक द्वारा लाभ प्राप्त करने का मामला संज्ञान में आने के बाद नम्रता हॉस्पिटल लोहरदगा रोड गुमला के संचालक सूर्यमणि तिवारी के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज कराई गई है।
यही वजह है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण नई दिल्ली की ओर से झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी को आयुष्मान भारत योजना के तहत गड़बड़ी करने वाले सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई को लेकर सम्मानित किया गया है।
89 अस्पतालों से वसूला गया जुर्माना
आयुष्मान भारत योजना के तहत गड़बड़ी करने वाले 89 अस्पतालों से लगभग 99.65 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। राज्य में अब तक कुल 1.22 करोड़ लाभुकों का आयुष्मान कार्ड निर्गत किया गया है। अब तक कुल 17.5 लाख लाभुकों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं, जिसमें सन्निहित राशि 1946 करोड़ है। विगत एक माह में गंभीर बीमारियां जैसे कैंसर के 1525, किडनी के 1109, हृदय के 163 एवं न्यूरोलाजी के 77 मरीजों का योजनान्तर्गत इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी गई है।
चार अस्पतालों को योजनान्तर्गत निलंबित किया गया। इनमें मातृछाया हास्पिटल हजारीबाग, जेपी हॉस्पिटल धनबाद, जेनेटिक हास्पिटल रांची और नयनसुख नेत्रालय धनबाद शामिल हैं।

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