April 25, 2026

स्कूल वाहनों में सामान की तरह बच्चों को ठूंस कर परिवहन करने के विरुद्ध ट्रैफिक पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की, 25 वाहन जब्त

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पटना
स्कूल वाहनों में सामान की तरह बच्चों को ठूंस कर परिवहन करने के विरुद्ध सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान गांधी मैदान और पाटलिपुत्र इलाके के दो प्रतिष्ठित स्कूलों के छोटे-बड़े मिलाकर 25 वाहनों काे जब्त किया गया। स्कूली वाहन पकड़े जाने के बाद ट्रैफिक पुलिस के पास अधिकारियों और रसूखदारों की पैरवी आने लगी। हालांकि, ट्रैफिक एसपी अभिनव लोहन ने एक नहीं सुनी। उन्होंने बच्चों को घरों तक पहुंचाने के बाद वाहनों को वापस बुला कर एकता भवन में खड़ा करा दिया। वाहनों के कागजात की जांच की जा रही है। बताया जाता है कि बच्चों के परिवहन की आड़ में बिना दुरुस्त कागजात के स्कूली वाहनों का परिचालन किया जा रहा था।

एसपी ने क्या कहा?
एसपी ने बताया कि मोटरयान अधिनियम के तहत तीनपहिया यथा ऑटो, ई-रिक्शा और ई-कार्ट से स्कूली बच्चों के परिवहन की अनुमति नहीं है। ऐसा करने पर चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
चारपहिया वाहनों और बसों के लिए मानक तय हैं। इसके अनुरूप यदि बच्चों का परिचालन किया जाता है तो बस मालिक के साथ स्कूल प्रबंधन भी कार्रवाई की जद में आएंगे।
फिलहाल, दो स्कूलों को नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सभी स्कूलों को ऑटो से बच्चों के परिवहन पर रोक और मानक के अनुरूप वाहनों के परिचालन के संबंध में उचित माध्यम से पत्राचार भी किया गया है।

राज्य व जिलास्तरीय समिति करेगी अनुश्रवण
एसपी ने कहा कि बच्चों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन और उनके अभिभावकों की भी है। स्कूल प्रबंधन को सुनिश्चित करना होगा कि बस ऑपरेटर मानकों के अनुरूप वाहन से बच्चों का परिवहन कर रहे हैं या नहीं? उन्हें बांड भराना होगा। वहीं, अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। इसके लिए राज्य एवं जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा समिति भी गठित है, जो स्कूली वाहनों का अनुश्रवण करेगी। जिलास्तरीय कमेटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी होते हैं।

सभी विद्यालयों के प्राचार्य एवं परिवहन प्रभारी को समिति का सदस्य बनाया जाता है। नियमानुसार कम से कम तीन महीने पर कमेटी की बैठक की जानी है, जिसमें स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर चर्चा होगी। विद्यालय स्तरीय समिति का भी गठन करने का नियम है, जिसमें प्रधानाध्यापक अध्यक्ष होंगे। समिति में दो अभिभावक, शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधि, संबंधित क्षेत्र के यातायात पुलिस निरीक्षक, मोटरयान निरीक्षक, शिक्षा विभाग के एक प्रतिनिधि, स्कूल मालिकों के एक प्रतिनिधि सदस्य के रूप में नामित होंगे। अधिनियम के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने पर विद्यालय प्रबंधन, वाहनस्वामी और चालक पर अर्थदंड लगाया जा सकता है।

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