July 12, 2026

जबलपुर में अभिनेता सैफ अली खान के परिवार की 15 हजार करोड़ की संपत्ति सरकार अपने कब्जे में ले सकती है !

0
21A_46.jpg

जबलपुर

बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान के परिवार की 15 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति सरकार अपने कब्जे में ले सकती है. भोपाल के कोहेफिजा से चिकलोद तक सैफ अली खान और शर्मिला टैगोर के परिवार की संपत्ति फैली हुई है. पटौदी परिवार की करीब 100 एकड़ जमीन पर डेढ़ लाख लोग रह रहे हैं. दरअसल, भोपाल रियासत की ऐतिहासिक संपत्तियों पर 2015 से चल रहा स्टे खत्म हो गया है.

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अभिनेता सैफ अली खान, उनकी मां शर्मिला टैगोर, बहनें सोहा और सब अली खान व पटौदी की बहन सबीहा सुल्तान को शत्रु संपत्ति के मामले में अपीलीय प्राधिकरण के पास पक्ष रखने का आदेश दिया था. अब हाई कोर्ट के आदेश की 30 दिन में अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष पक्ष रखने की मियाद खत्म हो चुकी है. एक माह की मियाद खत्म होने के बाद भी पटौदी परिवार ने कोई दावा पेश नहीं किया है. पटौदी परिवार के पास डिवीजन बेंच में चुनौती देने का विकल्प है.

पिछले महीने हाईकोर्ट की जबलपुर स्थित मुख्य पीठ ने शर्मिला टैगोर, उनके बेटे सैफ अली खान और सबीहा सुल्तान के शत्रु संपत्ति मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था. जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकल पीठ ने पटौदी परिवार को शत्रु संपत्ति अभिरक्षक अधिनियम मामले में दिल्ली स्थित अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी थी. याचिका का निपटारा करते हुए एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि अपीलीय प्राधिकरण गुण-दोष के आधार पर निर्णय ले.
साल 2015 में दायर की गई थी याचिका

पटौदी परिवार ने 2015 में एक याचिका दायर की थी. उन्होंने शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत भोपाल के आखिरी नवाब की संपत्तियों पर नियंत्रण करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी थी. अपने आदेश में भारत के शत्रु संपत्ति के संरक्षक, मुंबई (CEPI) ने नवाब की संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित किया था क्योंकि उनकी बड़ी बेटी राजकुमारी आबिदा सुल्तान 1950 में पाकिस्तान चली गई थीं. वह (आबिदा) नवाब के जीवित रहते पाकिस्तान चली गई थीं. नवाब की मृत्यु के बाद, उनकी दूसरी बेटी मेहर ताज साजिदा सुल्तान बेगम को भोपाल उत्तराधिकार अधिनियम, 1947 के अनुसार संपत्ति का उत्तराधिकारी घोषित किया गया और याचिकाकर्ता उनके उत्तराधिकारी हैं.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *