July 5, 2026

जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर मिले अधजले नोटों पर देश में मचा बवाल, चुप्पी पर सरकार को विपक्षी सांसदों ने घेरा

0
saansad.jpg

नई दिल्ली
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर मिले अधजले नोटों पर देश में बवाल मचा हुआ है। संसद के बजट सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि कानून मंत्री को इस मामले पर संसद में बयान देना चाहिए। यदि सरकार न्यायपालिका की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए इस पर कोई बयान नहीं देती, तो यह संविधान की मर्यादाओं का उल्लंघन होगा। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत संसद को न्यायपालिका पर निगरानी रखने का अधिकार प्राप्त है और जजों के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया भी संसद द्वारा की जाती है। इस मामले में यदि सरकार चुप रहती है तो यह संवैधानिक जिम्मेदारी से भागने जैसा होगा।

राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि इस घटना ने पूरी न्यायपालिका पर सवाल उठाए हैं और अब देश भर में न्यायपालिका को शक की निगाहों से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक जज से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि इससे न्यायपालिका की छवि पर गहरा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि जस्टिस वर्मा को दिल्ली से इलाहाबाद ट्रांसफर कर दिया गया है, लेकिन यह कदम न्यायपालिका की स्वायत्तता और पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। उन्होंने इसे मामले पर पर्दा डालने की कार्रवाई करार दिया।

भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने तेलंगाना सरकार द्वारा इफ्तार पर खर्च किए गए 74 करोड़ रुपये पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कर्ज में डूबी हुई है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में तेलंगाना पर भारी कर्ज का बोझ है। पिछली सरकार ने राज्य पर छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज डाला था, और वर्तमान सरकार ने पिछले एक साल में एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। इसके बावजूद राज्य सरकार इस प्रकार के बड़े खर्चे कर रही है और दावा कर रही है कि उसके पास पैसा नहीं है।

राजस्थान के भीलवाड़ा से भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर कहा कि कांग्रेस सांसद बिना वजह आरएसएस पर अनर्गल बयानबाजी करते हैं, जबकि आरएसएस एक देशभक्त संगठन है, जो राष्ट्रहित के लिए काम करता है। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य राष्ट्र की सेवा करना है और राहुल गांधी के बयान पर 140 करोड़ भारतीय अपनी प्रतिक्रिया देंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed