March 16, 2026

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय के न्यायालय कक्ष में स्वर्गीय श्री माननीय न्यायमूर्ति एस.आर. नायक पूर्व मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निधन पर शोकसभा का आयोजन किया गया ।

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आज दिनांक 25/06/2025 को दोपहर 03:30 बजे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय के न्यायालय कक्ष में स्वर्गीय श्री माननीय न्यायमूर्ति एस.आर. नायक पूर्व मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निधन पर शोकसभा का आयोजन किया गया ।

उक्त शोकसभा में माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर तथा अन्य सभी माननीय न्यायमूर्तिगण उपस्थित थे।

माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा साहब ने उपस्थित माननीय न्यायमूर्तिगणों, न्यायाधीशों, अधिवक्तागण व अन्य प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए स्वर्गीय श्री माननीय न्यायमूर्ति एस.आर. नायक पूर्व मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के जीवन पर प्रकाश डालते हुए न्यायिक क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद किया। मुख्य न्यायाधीश महोदय ने कहा कि स्व. माननीय न्यायमूर्ति एस. आर. नायक ने 17.11.2005 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में मुख्य न्यायाधीश के पद का कार्यभार संभाला एवं 31.12.2006 तक मुख्य न्यायाधीश के पद पर आसीन रहे, उनका जीवन न्याय, नैतिकता और सेवा का प्रतीक था, और उनके निधन से न्यायिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनों की प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गई।

शोक सभा में महाधिवक्ता श्री प्रफुल्ल एन. भारत, अध्यक्ष उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ श्री उमाकांत चंदेल एवं डिप्टी सॉलिसिटर जनरल श्री रमाकान्त मिश्रा के द्वारा भी शोक व्यक्त करते हुए स्वर्गीय माननीय न्यायमूर्ति एस. आर. नायक की छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में पदस्थापना के दौरान महत्वपूर्ण विषयों पर पारित निर्णयों को याद करते हुये श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। शोक सभा में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के समस्त माननीय न्यायमूर्तिगण, वरिष्ठ अधिवक्तागण, रजिस्ट्री, न्यायिक एकेडमी, विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे ।

शोक सभा में मौन धारणकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई एवं शोक सभा पश्चात् न्यायालय की आगे की कार्यवाही को स्थगित किया गया। माननीय उच्च न्यायालय के इस फुल कोर्ट रेफ्रेंस को माननीय उच्च न्यायालय की कार्यवाही में शामिल करते हुए संवेदनाएं उनके परिजनों को प्रेषित की गई।

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