September 24, 2026

21 और 22 जुलाई को मांडू में कांग्रेस विधायकों की ट्रेनिंग, 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर केन्द्रित

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भोपाल

 मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में पार्टी 21 और 22 जुलाई को धार जिले के ऐतिहासिक शहर मांडू में विधानसभा स्तर के विधायकों के लिए दो दिवसीय रणनीतिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जा रही है। शिविर का उद्देश्य विधायकों को मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों, संगठनात्मक भूमिका, कानूनी दबावों और संचार के आधुनिक माध्यमों के प्रति तैयार करना है।

शिविर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विशेषज्ञ वक्ता और राजनीतिक रणनीतिकार विभिन्न विषयों पर सत्र लेंगे, ताकि विधायकों को व्यावहारिक और वैचारिक रूप से चुनावी दृष्टिकोण से सशक्त बनाया जा सके।
राहुल गांधी करेंगे वर्चुअल संबोधन

21 जुलाई से संसद का सत्र शुरू होने के कारण लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शिविर में वर्चुअली शामिल होंगे। वे कांग्रेस विधायकों को आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर मार्गदर्शन देंगे और कुछ विधायकों से व्यक्तिगत संवाद भी कर सकते हैं।

सत्ता पक्ष को घेरने का मास्टर प्लान!
कांग्रेस के इस खास ट्रेनिंग कैंप को "नव संकल्प" नाम दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस शिविर का मुख्य लक्ष्य न केवल भविष्य की चुनावी रणनीति तैयार करना है, बल्कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में सत्ताधारी बीजेपी को पूरी आक्रामकता से घेरने की योजना बनाना भी है। इसके लिए, दिल्ली से खास राजनीतिक ट्रेनर बुलाए गए हैं जो विधायकों को ट्रेनिंग देंगे।

ट्रेनर विधायकों को सिखाएंगे कि जनता के बीच जाकर सरकार की कमियों का प्रभावी ढंग से कैसे खुलासा किया जाए। उन्हें विधानसभा में सत्ता पक्ष के सवालों का सटीक और तर्कसंगत जवाब देने की कला भी सिखाई जाएगी।

यह शिविर विधायकों और पार्टी संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा, ताकि जमीनी स्तर पर एकजुट होकर काम किया जा सके।

राहुल गांधी समेत शीर्ष नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे
इस अहम शिविर में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। पार्टी के दिग्गज नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल भी इस प्रशिक्षण में वर्चुअल माध्यम (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) से जुड़कर विधायकों और नेताओं को संबोधित करेंगे।

21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के कारण, ये नेता व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पाएंगे, लेकिन उनकी वर्चुअल उपस्थिति शिविर के महत्व को और बढ़ाएगी।

मानसून सत्र में दिखेगा असर?
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू हो रहा है और उससे ठीक पहले आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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