September 17, 2026

कर्मचारियों से भी की गई मोदी की गारंटी जुमला साबित हो रही है _कांग्रेस

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मोदी की गारंटी के नाम पर कर्मचारियों से किए गए एक भी वादे को सरकार ने पूरा नहीं किया

रायपुर/10 अगस्त 2025। भाजपा की मोदी की गारंटी जुमला साबित हो रही है । प्रदेश कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान मोदी की गांरटी के नाम पर प्रदेश के कर्मचारियों से किए गए वादे को छत्तीसगढ़ सरकार ने पूरी तरह से भूल गई एक भी वादा पूरा नहीं किया, उल्टे उन्हें प्रताड़ित करने का काम कर रहे हैं। मितानिन बहने परेशान हो कर हड़ताल पर है भाजपा ने विधानसभा चुनाव में मितानिनों से नियमित करने वेतन वृद्धि करने नियमित समय पर वेतन देने का वादा किया था लेकिन दो साल पूरे होने को है सरकार अपने वादे को भूल गई ।।प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों को 100 दिन के भीतर नियमित करने का टाइम बाउंड वादा मोदी की गारंटी के नाम पर किया गया था, नियमित तो किए नहीं उल्टे विद्या मितान अतिथि शिक्षक और संविदा कर्मी नौकरी से निकाल दिए गए। नई भर्तियां बंद है, युक्तियुक्तकरण के नाम पर प्रदेश के 10463 स्कूलों को मर्ज कर दिया गया है, उनके डायस कोड विलोपित किये जा चुके हैं। बंद हुए स्कूलों में काम करने वाले मध्यान भोजन रसोईया, सफाई कर्मचारी और चौकीदार नौकरी से निकाल दिए गए। नए सेटअप में शिक्षकों के न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती करके नियमित शिक्षक के 45000 पद विलोपित कर दिया गया। विधानसभा के भीतर 33000 शिक्षको के भर्ती की घोषणा करके दुर्भावना पूर्वक भर्ती प्रक्रिया रोक दी गयी।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा ने कहा है कि विगत विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा नेताओं ने मोदी की गारंटी के नाम पर प्रदेश के कर्मचारियों से वादा किया था कि सरकार बनने पर प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान डी.ए./डी.आर. दिया जाएगा, लंबित डी.ए. एरियर की राशि को कर्मचारियों के जी.पी.एफ. खाते में समायोजित किया जाएगा, अनियमित/संविदा/दैनिक वेतनभोगी/अतिथि शिक्षक इत्यादि संवर्ग का नियमितीकरण किया जाएगा। प्रदेश में भिन्न-भिन्न विभागों में हर महीनें सैकड़ो की संख्या में सरकारी कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं, 1 लाख नई सरकारी नौकरी देने देने का वादा था, डेढ़ साल में 30 हजार मिल जाना था लेकिन मिला नहीं। वादा था कि प्रदेश के सहायक शिक्षकों का वेतन विसंगति दूर किया जाएगा, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाएगा, मितानिनों, रसोईया एवं सफाई कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि किया जायेगा, अब तक किसी को कुछ नहीं मिला। इसके अलावा अन्य अन्य दर्जनों मुद्दों का वादा प्रदेश के कर्मचारियों से किया गया जिस पर सरकार बनने के बाद से क्रियान्वयन नहीं किया गया, चुनाव जीतने के बाद इनके सारे वादे जुमले हो गए।

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