June 20, 2026

बस्तर दशहरा: देवी-देवताओं की आराधना के लिए निकली निशा जात्रा, 600 साल से निभाई जा रही परंपरा

0
2-8.jpg

जगदलपुर

बस्तर में तांत्रिक पूजा के जरिए देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए राजा कमलचंद भंजदेव ने देर रात निशा जात्रा की रस्म पूरी की. इस दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने के साथ बकरों की बलि दी गई.

बस्तर दशहरा की इस अनूठी रस्म के जरिए बस्तर को बुरी प्रेत आत्माओं से बचाने की प्रार्थना की जाती है, अष्टमी और नवमी तिथि के बीच देर रात को यह रस्म निभाने की परंपरा 600 साल पुरानी है.

इस रस्म के तहत देर रात को राजा कमलचंद भंजदेव के साथ बस्तर राज परिवार के प्रमुख सदस्य मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी एवं अन्य लोग पैदल चलकर अनुपमा चौक स्थित गुड़ी (मंदिर ) पहुंचे.

मंदिर में तांत्रिक पूजा-अर्चना कर बस्तर के लोगों की खुशहाली और बस्तर को नकारात्मक शक्तियों से बचाने की प्रार्थना की गई. इस दौरान माता को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने के साथ बकरों की बलि दी गई.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *