March 11, 2026

सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर ने एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

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सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर ने एक हि दिन में सर्वाधिक शिशु हृदय मरीजों की उपस्थिति का एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया । गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्णायक श्री स्वप्निल ने श्री सत्य साई सौभाग्यम् में इसकी घोषणा की । इस पुरस्कार समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति थे: पद्मभूषण सुनील गावस्कर और श्री विवेक गौर , श्री सत्य साई स्वास्थ्य एवं शिक्षा ट्रस्ट के न्यासी ।

इस कार्यक्रम में पूर्वोत्तर राज्यों नागालैंड और मणिपुर सहित पूरे भारत से 1758 मरीज़ एकत्रित हुए। मरीज़ों ने हरे, केसरिया और सफ़ेद रंग की टी-शर्ट पहनकर तिरंगा आकार में बैठे थे ।

उल्लेखनीय है कि हमारे अस्पताल में सभी 1758 मरीज़ों का सफलतापूर्वक निःशुल्क ऑपरेशन किया गया । श्री स्वप्निल ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि अस्पताल ने इस आयोजन के सभी मानदंडों को पूरा किया । उन्होंने बताया कि इससे पहले का रिकॉर्ड 1020 मरीज़ों का था। गौरतलब है कि श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने 20 नवंबर 2020 को अपनी 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था ।

इस अवसर पर बोलते हुए, अध्यक्ष डॉ. सी. श्रीनिवास ने कहा कि वे यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ राज्य और श्री सत्य साई संजीवनी शल्य चिकित्सा एवं चिकित्सा के सम्बद्ध प्रतिभाशाली टीमों को समर्पित करते हैं । उन्होंने यह पुरस्कार भगवान श्री सत्य साई बाबा के 100वें जन्म वर्ष पर उन्हें समर्पित किया । 13 वर्षों की निःस्वार्थ सेवा के परिणामस्वरूप, श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल ने छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में एक अलग पहचान दिलाई है । वे उन हज़ारों बाल रोगियों को देखकर अभिभूत हुए जो अब बड़े हो गए हैं और खेल, शिक्षा, कराटे आदि के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं । यह भगवान श्री सत्य साई बाबा के प्रति उनकी कृतज्ञता दर्शाता है ।

उन्होंने आगे कहा कि यह जानकर खुशी हो रही है कि रायपुर देश भर के बाल हृदय रोगियों का गंतव्य बन गया है । वे श्री सत्य साई संजीवनी को हृदय के आकार का अस्पताल और बिना कैश काउंटर वाला अस्पताल बताते हैं । उन्होंने रायपुर आने के लिए सभी रोगियों और उनके अभिभावकों का तहे दिल से धन्यवाद किया ।

गौरतलब है कि श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल में 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2025 तक मेगा पीडियाट्रिक कार्डियक कैंप का आयोजन किया गया था । सभी मरीजों का पंजीकरण किया गया, उनकी गहन जाँच की गई, 2D इको किया गया और हर मरीज को रिपोर्ट दी गई । गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भाग लेने से पहले उनकी फिटनेस की जाँच की गई ।

गिनीज समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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