September 28, 2026

विदेशी नागरिकों पर आवारा कुत्तों के हमले से देश की छवि को नुकसान: सुप्रीम कोर्ट सख्त

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 नई दिल्ली 
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के अस्पतालों, शैक्षणिक केंद्रों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन जैसे क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन समेत विभिन्न परिसरों में कुत्तों के हमले का जिक्र किया है। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि ये आवारा कुत्ते विदेशी नागरिक पर भी हमला कर रहे हैं, जिससे देश की छवि पर असर पड़ रहा है। 

कोर्ट ने अपने आदेश में एनडीटीवी की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि अदालत के संज्ञान में यह भी लाया गया है कि भारत आने वाले विदेशी नागरिक भी अकारण आवारा कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। बेंगलुरु में हुई ऐसी ही एक घटना में, सुबह की दौड़ के दौरान एक वेल्श उद्यमी को आवारा कुत्ते ने काट लिया। यह घटना इस बात पर जोर देती है कि यह समस्या न तो ग्रामीण या घनी आबादी वाले इलाकों तक सीमित है और न ही केवल असुरक्षित नागरिकों तक सीमित है, बल्कि इसने ऐसे रूप धारण कर लिए हैं जो जन सुरक्षा, पर्यटन और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देश की छवि पर भी असर डाल रहे हैं।

आदेश में कोर्ट ने कहा, 'इस न्यायालय को विभिन्न समाचार रिपोर्टों और मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड/डिपो (अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों सहित) और रेलवे स्टेशनों, यानी संस्थागत क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि के बारे में अवगत कराया गया है। स्कूल परिसरों में बच्चों पर हमले, अस्पताल परिसरों में मरीजों और तीमारदारों को काटने, खेल स्टेडियमों में आवारा कुत्तों द्वारा एथलीटों और अधिकारियों पर हमला करने और बस स्टैंड/डिपो और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों/यात्रियों पर आवारा कुत्तों द्वारा हमला करने की घटनाएं इस न्यायालय के संज्ञान में आई हैं।'

अदालत ने आगे कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति, विशेष रूप से शिक्षण, उपचार और मनोरंजन के लिए बने संस्थागत स्थानों में, न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है, बल्कि इन परिसरों को रोके जा सकने वाले खतरों से सुरक्षित रखने में प्रणालीगत विफलता को भी दिखाती है। यह स्थिति भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों, विशेषकर बच्चों, मरीजों और खिलाड़ियों के जीवन और सुरक्षा के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करती है।

सर्वोच्च न्यायालय ने कुत्तों के काटने की घटनाओं में खतरनाक वृद्धि को ध्यान में रखते हुए, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को आदेश दिया कि वे सभी शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, सार्वजनिक खेल परिसरों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों आदि से सभी आवारा कुत्तों को हटाना सुनिश्चित करें। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि आवारा कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए इन सभी संस्थानों और स्थानों की उचित बाड़ लगाई जानी चाहिए।

 

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