छत्तीसगढ़ की प्रमुख नृत्य एवं लोक कला संस्कृति पर केंद्रित फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक नृत्यों और विविध लोक कलाओं को व्यापक जनसमुदाय तक पहुँचाने के उद्देश्य से क्लाउड एवं संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ के सहयोग से एक विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी राज्य की जनजातीय, ग्रामीण और लोक परंपराओं को प्रस्तुत कर रही है जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप से दर्शाती है।
इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ 02 जनवरी 2026 को
उत्तर रायपुर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं श्री प्रभात सिंह पुरातत्व विभाग छत्तीसगढ़ के द्वारा किया गया श्री पुरंदर मिश्रा जी ने इस प्रदर्शनी को सराहा।
इस कार्यक्रम में विशेष रूप से आज केरला,तेलंगाना, महाराष्ट्र, उड़ीसा, मध्य प्रदेश,झारखंड बिहार एवं ऑस्ट्रेलिया से यहां फोटो प्रदर्शनी को देखने लोग आए जिन में प्रमुख युवावर्ग ने छत्तीसगढ़ राज्य की सुंदर संस्कृति एवं आर्ट को पसंद किया यह प्रदर्शनी न सिर्फ युवा वर्ग बल्कि स्कूल के बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी है । छत्तीसगढ़ राज्य में लोक कला अत्यंत सुंदर अद्भुत है क्लाउड द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ राज्य की लोक नृत्य एवं लोक कला को जन-जन तक पहुंचना है ।
यह आयोजन आगामी दो दिन तक उपलब्ध रहेगा जिसमें सभी वर्ग के लोग शामिल हो सकते हैं ।
इस कार्यक्रम के अवलोकन के लिए कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए जिनमें रेलवे के वाणिज्यिक अधिकारी श्री राकेश सिंह वरिष्ठ पत्रकार श्रीमती सरिता दुबे,श्री कुलदीप शुक्ला, नोकिया एवं टाटा कंसलटेंसी से कॉर्पोरेट की टीम ने इस प्रदर्शनी को अत्यंत सराहा इस अवसर पर मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया से आई श्रीमती दीपिका मिश्रा जो पूर्व में रायपुर निवासी रही है अब वह ऑस्ट्रेलिया सिटीजनशिप
ले चुकी है उन्होंने इस प्रदर्शनी में आकर छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया कहां उन्होंने बताया वह अपनी मिट्टी की खुशबू को बहुत याद करती हैं इस अवसर पर धनलक्ष्मी मिश्रा कॉलेज प्राध्यापिका ने बताया कि यह युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी प्रदर्शनी है ।
इस फोटो प्रदर्शनी में श्री दीपेंद्र दीवान, श्री अखिलेश भरोस,श्री धनेश्वर साहू,सुश्री हर्षा सिंदूर एवं शौर्य दीवान के फोटोग्राफ्स फोटो प्रदर्शनी में प्रदर्शित हुए हैं इस कार्यक्रम में दीपेंद्र दीवान का कहना है की ऐसे आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए जिससे आने वाली पीढियां कोछत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति के झलक देखने को मिलती है l इस कार्यक्रम का मंच संचालन
रविशा दीवान एवं युवा कवि आरव शुक्ला के द्वारा किया गया।
04 जनवरी 2026 तक कला वीथिका, महंत घासीदास परिसर, घड़ी चौक, रायपुर में आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी का समय प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। प्रदर्शनी में प्रवेश सभी के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इस सांस्कृतिक आयोजन से जुड़ सकें।
यह फोटो प्रदर्शनी छायाचित्रों के माध्यम से न केवल दृश्य सौंदर्य प्रस्तुत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोक जीवन, सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं के संरक्षण का संदेश भी देगी। प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना, लोक कलाकारों और शिल्पकारों के योगदान को रेखांकित करना तथा लोक कला के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।
यह आयोजन कला प्रेमियों के साथ-साथ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, संस्कृति अध्येताओं और आम नागरिकों के लिए भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को जानने, समझने और अनुभव करने का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध होगा।