June 22, 2026

48 लाख से अधिक की फॉरेक्स ट्रेडिंग ठगी प्रकरण में एक और आरोपी गिरफ्तार

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शिर्डी में ट्रस्ट के नाम पर बैंक खाता खोलकर ठगी की राशि मंगवाने का खुलासा
▪️ प्रकरण में पूर्व में आंध्रप्रदेश से दो आरोपी गिरफ्तार
▪️ साइबर अपराध के विरुद्ध वैधानिक एवं प्रभावी कार्यवाही जारी

संक्षिप्त विवरण :
साइबर अपराधों के विरुद्ध सशक्त कार्यवाही करते हुए साइबर थाना दुर्ग द्वारा फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर की गई ₹48,67,500/- की ऑनलाइन ठगी के प्रकरण में एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

प्रार्थी द्वारा दिनांक 09.10.2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि इंस्टाग्राम पर फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश हेतु भेजे गए लिंक पर क्लिक करने के पश्चात विभिन्न किस्तों में कुल ₹48,67,500/- की ठगी की गई। शिकायत पर साइबर थाना दुर्ग में अपराध क्रमांक 08/2025 धारा 318(4), 336, 3(5) बी.एन.एस. के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

विवेचना के दौरान तकनीकी विश्लेषण एवं डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर पूर्व में आंध्रप्रदेश के जिला अनकापल्ली से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। आगे की जांच में यह तथ्य सामने आया कि ठगी की राशि अहमदनगर जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में संचालित एक ट्रस्ट के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कराई गई थी।

जांच में यह पाया गया कि आरोपी द्वारा शिर्डी क्षेत्र में ट्रस्ट के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर ठगी की राशि अपने खाते में मंगवाई जा रही थी। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किया गया।

घटना स्थल :
ऑनलाइन माध्यम (इंस्टाग्राम / डिजिटल प्लेटफॉर्म)

आरोपी का विवरण :

1. मनोहर लक्ष्मण मोरे, उम्र 46 वर्ष, निवासी संगनमेयर, जिला अहमदनगर, महाराष्ट्र

जप्त सामग्री :
▪️ मोबाइल फोन
▪️ बैंक पासबुक
▪️ एटीएम कार्ड

आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध किया गया है।

सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्यवाही में साइबर थाना दुर्ग के निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा, सहायक उप निरीक्षक पूर्ण बहाद्दुर, आरक्षक अनूप कुमार शर्मा, कामेश देशमुख एवं विक्रम सिंह राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।

दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अनजान लिंक, ऑनलाइन निवेश, फॉरेक्स या ट्रेडिंग के प्रलोभन में बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा निकटतम साइबर थाना में दें तथा “साइबर प्रहरी” को फॉलो करें।

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