श्री श्री विश्वविद्यालय का ‘संकल्प-2047’ प्राचार्य सम्मेलन
शिक्षा के नए आयामों पर ‘संकल्प-2047’ प्राचार्य सम्मेलन
रायपुर, 18 फरवरी। ओड़िशा के कटक स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षकों एवं प्राचार्यों के लिए “संकल्प-2047” नामक विशेष सम्मेलन का आयोजन 22 फरवरी (रविवार) को रायपुर के एक निजी होटल में किया जा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समग्र एवं मूल्य-आधारित शिक्षा पर विचार-विमर्श करना है।
यह आयोजन आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर के समग्र शिक्षा दर्शन से प्रेरित है, जिसमें शिक्षा को केवल जानकारी का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के विकास का साधन माना गया है। इसी दृष्टिकोण के साथ आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के मानव मूल्य, तनाव-मुक्त जीवनशैली और आंतरिक सशक्तिकरण के सिद्धांतों को भी सम्मेलन में समाहित किया गया है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा 5.0 के व्यावहारिक आयाम, नवाचारी शिक्षण पद्धतियाँ, डिज़ाइन थिंकिंग, अनुभवात्मक अधिगम तथा विद्यार्थियों में बढ़ते तनाव और डिजिटल लत जैसी चुनौतियों के समाधान पर चर्चा की जाएगी। साथ ही “प्रोजेक्ट दिशा” नामक विशेष मॉड्यूल के माध्यम से शिक्षकों को वेल-बीइंग टूल्स, काउंसलिंग कौशल और प्राचीन ज्ञान व आधुनिक मनोविज्ञान पर आधारित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह सम्मेलन गुरुदेव के ‘तनावमुक्त एवं मूल्य-सम्पन्न समाज’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से रायपुर के 50 से अधिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य एवं शिक्षक जुड़ेंगे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य विशेष सत्र को संबोधित करेंगे।