रेवा: मिट्टी में छुपा 2800 साल पुराना इतिहास
लेख संकलन दीपेंद्र दीवान संपादक श्री न्यूज़ रायपुर छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की धरती सदियों से अपने भीतर इतिहास की अनगिनत परतें समेटे हुए है। रायपुर ज़िले के पास स्थित रेवा गाँव आज पूरे प्रदेश के लिए गौरव का केंद्र बन चुका है। यहाँ के पुरातात्विक उत्खनन ने यह सिद्ध किया है कि इस क्षेत्र में लगभग 800 ईसा पूर्व से मानव सभ्यता विकसित थी।
खुदाई के दौरान लाल और काले मृदभांड, मिट्टी की दीवारों के अवशेष, अग्निकुंड तथा लोहे के औजार प्राप्त हुए हैं। ये प्रमाण बताते हैं कि यहाँ संगठित बस्ती थी। लोग कृषि करते थे, धातु का उपयोग जानते थे और सामाजिक जीवन सुव्यवस्थित था।
“कार्बन-14 परीक्षण से स्पष्ट हुआ है कि यह स्थल उत्तर वैदिक काल का है। यह खोज मध्य भारत के इतिहास को नई दिशा देती है।”
कल्पना कीजिए, आज जहाँ शांत गाँव है, वहीं लगभग 2800 वर्ष पूर्व एक जीवंत सभ्यता सांस ले रही थी। यहाँ व्यापार के संकेत भी मिले हैं, जिससे प्रतीत होता है कि रेवा किसी बड़े सांस्कृतिक नेटवर्क का हिस्सा रहा होगा।
इतिहास केवल अतीत की कहानी नहीं, बल्कि हमारी पहचान है। ऐसे स्थलों का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। यदि सही संरक्षण और विकास हो, तो रेवा आने वाले समय में पर्यटन और शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
रेवा की यह खोज हमें याद दिलाती है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में केवल फसलें ही नहीं, बल्कि हजारों साल पुरानी सभ्यता की धरोहर भी छुपी है।