छत्तीसगढ़ में नया नियम: सीवरेज सफाई के लिए अब निगम की अनुमति अनिवार्य, विधेयक पारित
रायपुर.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए. उन्होंने सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए. इसके अतर्गत केवल नगर निगम के माध्यम से या पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सीवरेज सफाई का कार्य करवाया जाए. साथ ही सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना होने पाए.
विनियोग विधेयक प्रस्तुत –
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपए का व्यापक और जनोन्मुखी विनियोग विधेयक प्रस्तुत करते हुए राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक मजबूत खाका सामने रखा. विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य के 3 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य समावेशी विकास, आर्थिक सुदृढ़ता तथा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में तैयार इस बजट को सरकार ने “संकल्प आधारित बजट” बताया है, जो राज्य को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पारित –
विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पारित हुआ. इस विधेयक पर विपक्ष ने आपत्ति की. कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने कहा, बिना वित्तीय पत्रक के विधेयक को पारित करना ठीक नहीं है. संशोधक विधेयक के प्रावधान से वित्तीय हानि की संभावना है. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने विपक्ष की आपत्ति को खारिज करते हुए कहा, वित्तीय हानि नहीं होगी. विधेयक के लिए वित्तीय पत्रक की आवश्यकता नहीं है.