September 25, 2026

सर्वदलीय बैठक में सरकार का भरोसा: भारत के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार, रास्ते में कई जहाज

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नई दिल्ली

संसद के मौजूदा बजट सत्र के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार (25 मार्च) को एक सर्वदलीय बैठक की, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात और उसके भारत पर प्रभाव को लेकर चर्चा की गई। बैठक में सरकार ने भरोसा दिलाया कि भारत के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार हैं और कई जहाज अभी रास्ते में हैं। सरकार ने सभी दलों को आश्वस्त किया कि तेल और गैस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। यह बैठक करीब 1 घंटे 45 मिनट तक चली, जिसमें सरकार ने सभी दलों के नेताओं को भरोसा दिलाया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति स्थिर और नियंत्रण में है।

सूत्रों ने बताया कि सरकार ने विपक्ष को जानकारी दी कि "पर्याप्त ऊर्जा सुरक्षा" मौजूद है और भारत की ऊर्जा ज़रूरतें पूरी हो रही हैं। सरकार ने यह भी कहा कि वह कई देशों के साथ बातचीत कर रही है और पहले ही एडवांस बुकिंग कर चुकी है, साथ ही वह लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपने संबंधों का विस्तार भी कर रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिस्री मौजूद थे। इनके अलावा वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव भी इस बैठक में मौजूद थे।
TMC से नहीं कोई मौजूद

अन्य पार्टियों के नेताओं में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर एवं मुकुल वासनिक तथा कई अन्य नेता शामिल हुए। इनके अलावा BJD के सस्मित पात्रा, JDU के ललन सिंह, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और CPIM से जॉन ब्रिटास भी इस बैठक में मौजूद थे। YSR कांग्रेस पार्टी और जनसेना पार्टी के नेता भी सर्वदलीय बैठक में शामिल थे। खास बात यह है कि तृणमूल कांग्रेस का कोई भी प्रतिनिधि बैठक में मौजूद नहीं था। TMC सांसद सौगत रॉय ने बताया कि पार्टी बैठक में शामिल नहीं हो सकी, क्योंकि पार्टी का कोई भी नेता दिल्ली में उपलब्ध नहीं था।
विपक्ष ने की थी सर्वदलीय बैठक की मांग

बता दें कि विपक्ष ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वक्तव्य के बाद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग उठाई थी। कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल पश्चिम एशिया युद्ध और इसके भारत पर प्रभाव को लेकर सरकार से लगातार सवाल कर रहे हैं। राज्यसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में छिड़े वर्तमान संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए अधिकार संपन्न सात नये समूहों का गठन किया गया है जो एलपीजी, आवश्यक सेवाओं एवं वस्तुओं की आपूर्ति एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य विषयों का नियमित आकलन कर सुझाव देंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर राज्यसभा में अपनी ओर से वक्तव्य देते हुए कहा था कि तीन सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है तथा इस युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा था कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से पैदा हुए अप्रत्याशित संकट का प्रभाव लंबे समय तक रहने वाला है जिससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तत्पर है।

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