April 30, 2026

दुर्ग में पेपर विवाद के बाद बड़ा फैसला: इंग्लिश प्रश्न पत्र निरस्त, 30 अप्रैल को दोबारा परीक्षा

0

दुर्ग.

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बीकॉम फाइनल इंग्लिश लैंग्वेज के प्रश्न पत्र को लेकर उठे विवाद का पटाक्षेप कर लिया गया है। वार्षिक परीक्षा 2025-26 बीकॉम भाग 3 की 28 मार्च को हुई परीक्षा निरस्त कर दी गई है। इस आशय की अधिसूचना विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा 7 अप्रैल को जारी किया गया है।

यह परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी। 30 अप्रैल को यह परीक्षा दोबारा ली जाएगी। दरअसल, इंग्लिश लैंग्वेज के प्रश्न पत्र के पैटर्न को लेकर विवाद उठा था। इससे प्रभावित छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में खूब प्रदर्शन भी किया था। छात्रों को प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने मामले को परीक्षा समिति में रखे जाने का आश्वासन दिया था। समिति की अनुशंसा के बाद प्रबंधन द्वारा दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

प्रश्न पत्र को लेकर स्कूल शिक्षा तथा उच्च शिक्षा विभाग के छात्र- छात्राओं को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। इन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही है। एक ओर जहां सीजी 12वीं बोर्ड हिंदी विषय के प्रश्न पत्र दोबारा दिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। दरअसल यह प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी दी गई। वहीं बीकॉम फाइनल के छात्र इंग्लिश लैंग्वेज के प्रश्न पत्र दोबारा देंगे।

इसके बारे में छात्र-छात्राओं ने कहा कि कई प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस पूछे गए प्रश्न पत्र सिलेबस के अनुसार नहीं था। यही वजह सामने आया कि ज्यादातर छात्र-छात्राओं के पेपर अच्छे नहीं बने, उनमें आक्रोश पनप गया। ये छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर में प्रश्न पत्र की कमियों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी किए। बहरहाल बीकॉम फाइनल इंग्लिश लैंग्वेज के प्रश्न पत्र को निरस्त कर छात्र हित में विश्वविद्यालय प्रबंधन ने एक बड़ा कदम उठाया है।

सातवीं के प्रश्नपत्र में प्रश्न अधूरा, पूर्णांक भी गायब
भिलाई नगर. स्कूली परीक्षा में गड़बड़ियों का सिलसिला जारी है। मंगलवार को सातवीं गणित के प्रश्नपत्र में फिर गड़बड़ी मिली। वहीं कुछ केन्द्रों में सातवीं के प्रश्नपत्र के पैकेट में कक्षा छठवीं का प्रश्नपत्र भी निकलने की खबर है। जानकारी के अनुसार, कुछ परीक्षा केन्द्रों में लिफाफा खोलने पर गणित के प्रश्नपत्र की कटिंग कुछ इस तरह मिली कि जिससे एक तरफ प्रश्नपत्र अधूरा था तो दूसरी ओर पूर्णांक का पता नहीं चल रहा था। जहां पूर्णांक लिखा होता है, वह हिस्सा कट गया था। इससे काफी परेशानी हुई। शिक्षक और बच्चे दोनों परेशान हुए। अधूरे प्रश्नपत्रों को किसी तरह पूरा लिखवाया गया। इसी तरह जहां पूर्णांक कट गया था, वहां पूर्णांक लिखवाया गया। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed