अलीगढ़ में गांजा तस्करी केस में बड़ा खुलासा, सिपाही प्रबल प्रताप निलंबित
अलीगढ़
तीन दिन पहले क्वार्सी पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया था उनसे थाने के सिपाही प्रबल प्रताप की संलिप्तता थी। एसपी सिटी की जांच में आरेाप सही पाए जाने पर एसएसपी ने सिपाही को निलंबित कर दिया है। विभागीय कार्रवाई के भी आदेश जारी किए हैं।
क्वार्सी पुलिस ने 39 किलो गांजा समेत गिरफ्तार किए थे छह लोग
क्वार्सी पुलिस ने शनिवार को क्षेत्र के शहंशाहबाद में गली नंबर एक निवासी आफताब उर्फ कप्तान, आफताब की पत्नी शहरीन व गुड़िया के अलावा मुहल्ले के नबील, अब्दुल्ला और बिलाल को 39 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। एक अवैध तमंचा, बिक्री से प्राप्त 1.05 लाख रुपये के अलावा अन्य सामान भी बरामद किया था।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गांजा का वह ओड़िसा से मंगाते थे। सस्ते दामों में मिलने वाले गांजा की पुड़िया बनाकर 100 में बेचते थे। इतने बड़े स्तर पर गांजा का धंधा होने की बीट कांस्टेबल प्रबल प्रताप की जानकारी में होना से ही अधिकारियों का माथा ठनका।
बीट सिपाही की संदिग्ध स्थिति होने पर एसपी सिटी ने की थी जांच
एसएसपी ने एसपी सिटी को पूरे मामले की जांच सौंपी। एसपी सिटी की जांच में सिपाही को आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों से मेलजोल रखने तथा अन्य संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में कहा गया है कि उक्त आरक्षी की गतिविधियों से पुलिस विभाग की छवि धूमिल हो रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने आरक्षी के विरुद्ध विभागीय जांच एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
मनोयोग से करें कार्यं, अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पर होगी कार्रवाई
एसएसपी नीरज जादौन ने सभी अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया है कि वे पूर्ण मनोयोग एवं ईमानदारी के साथ जनहित में कार्य करें। चेतावनी दी कि यदि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनहीनता, लापरवाही अथवा अवैध गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप सामने आते हैं, तो संबंधित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।