September 28, 2026

CM साय बोले- खेती हमारी संस्कृति और पहचान की नींव, ड्रोन तकनीक से बदल रही तस्वीर

0
Chhattisgarh_News_03-2-3.jpg

रायपुर.

आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों के साथ आत्मीय चर्चा करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए तथा किसानों के प्रश्नों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और कम उम्र में ही खेती-किसानी तथा परिवार की जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिला। इसी कारण वे किसानों की जरूरतों, चुनौतियों और उनके संघर्ष को निकटता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं का अभाव था, लेकिन आज कृषि क्षेत्र में बड़े परिवर्तन आए हैं। मशीनों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी है तथा किसानों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं।

कृषि योजनाओं से किसानों को मिल रहा आर्थिक संबल
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं ने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान गांवों में किसानों से सीधे संवाद के दौरान यह अनुभव हुआ है कि विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरे पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास ही सरकार की योजनाओं की वास्तविक सफलता है।

ड्रोन तकनीक से खेती होगी और आधुनिक
कार्यक्रम में शामिल ड्रोन दीदियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कम समय, कम लागत और अधिक प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे खेती आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी बन रही है तथा महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

जैविक खेती और नैनो उर्वरकों पर जोर
मुख्यमंत्री ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जैविक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इनके उपयोग से लागत कम होती है, उत्पादन क्षमता बढ़ती है तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।
किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है।

कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम जैसी फसलों की उन्नत खेती के अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है तथा बदलते समय के अनुरूप किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी, प्राकृतिक कृषि, जैविक खेती और अन्य नवाचारों को अपनाना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का युवा खेती को केवल परंपरा नहीं बल्कि आधुनिक उद्यम के रूप में देख रहा है। यह परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत सकारात्मक है। राज्य सरकार कृषि आधारित कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है।

नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच न करें – मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच न करें। समय के साथ बदलती तकनीकों को अपनाकर सीमित लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक ही किसानों की समृद्धि का आधार बनेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed