September 20, 2026

भारत के नए नियम से नेपाल की चाय इंडस्ट्री पर संकट, फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप; अब पाकिस्तान-बांग्लादेश से उम्मीद

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काठमांडू 

नेपाल में चाय उत्पादन करने वाले लोगों ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने कहा है कि वे अनिश्चित समय के लिए चाय का उत्पादन बंद करेंगे. इसकी वजह यह है कि भारत ने नेपाल से आने वाली चाय की जांच के नियम और सख्त कर दिए हैं. भारत का कहना है कि वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बाहर से आने वाली चाय भारतीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरे. यानी वे सिर्फ अच्छी हों. इस फैसले से नेपाल के चाय उद्योग को परेशानी बढ़ गई है, क्योंकि भारत ही उसकी चाय का सबसे बड़ा खरीदार है। 

भारत का फैसला और फिर नेपाल की परेशानी
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पिछले सप्ताह टी बोर्ड ऑफ इंडिया ने कहा था कि उसने यह सुनिश्चित करने के लिए दूसरे देशों से आने वाली चाय की जांच को और सख्त कर दिया है कि आयातित चाय भारतीय मानकों के अनुरूप हो. टी बोर्ड ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष सी. मुरुगन ने कहा, "हमने भारत में आने वाली सभी चाय की 100 प्रतिशत जांच शुरू कर दी है, जिसमें नेपाल से आने वाली चाय भी शामिल है। 

उन्होंने कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों (क्वालिटी स्टैंडर्ड) को बनाए रखने के लिए उठाया गया है. यह नियम भारत में घरेलू उपयोग के लिए आने वाली चाय के साथ-साथ मिश्रण (ब्लेंडिंग) और दोबारा निर्यात (री-एक्सपोर्ट) की जाने वाली चाय पर भी लागू होगा.
यहां यह जानना जरूरी है कि नेपाल में पैदा होने वाली चाय के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार है. ऐसे में भारत के फैसले के बाद नेपाल के चाय उत्पादकों, खासकर कोशी प्रांत के इलाम जिले में स्थित उत्पादकों ने गुरुवार से अनिश्चित समय के लिए उत्पादन रोकने की घोषणा की है। 

नेपाल के चाय उत्पादक क्या कह रहे हैं?
एक बयान में नेपाल टी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने कहा कि टी बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा नया नियम लागू किए जाने के बाद इस हिमालयी देश के चाय उत्पादकों को चाय निर्यात करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस एसोसिएशन के महासचिव शुक्र दहाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर साल लगभग 5 अरब नेपाली रुपये की चाय भारत को निर्यात की जाती है. उन्होंने नेपाल की सरकार से अपील की कि वह नेपाल की चाय के लिए बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे वैकल्पिक बाजारों में निर्यात बढ़ाने की पहल करे। 

इस मुद्दे पर संसद में बोलते हुए नेपाल की कृषि, वन और पर्यावरण मंत्री गीता चौधरी ने कहा कि सरकार चाय निर्यातकों की मौजूदा समस्या को हल करने के लिए तकनीकी और कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रही है. सांसदों के सवालों का जवाब देते हुए गीता चौधरी ने कहा कि सरकार के प्रयास पॉजिटिव दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 

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