June 24, 2026

36 के 36 राफेल सुरक्षित! एयरफोर्स के दस्तावेजों ने पाकिस्तान के दावों की खोली पोल

0
23A_159.jpg

नई दिल्ली
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराने के पाकिस्तान के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है. भारतीय वायुसेना के मुख्यालय से जारी एक आधिकारिक दस्तावेज ने साफ कर दिया है कि भारत के पास फ्रांस से खरीदे गए सभी 36 राफेल विमान पूरी तरह ऑपरेशनल हैं. इस तरह भारत के राफेल पर गलतबयानी करने वाले पाकिस्तान को करारा तमाचा लगा है. पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई राफेल विमानों को गिराने का झूठ फैलाया था। 

15 जून 2026 को एयर मुख्यालय के डायरेक्टरेट ऑफ इंजीनियरिंग (राफेल) ने फ्रांस की कंपनी सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजिन्स को एक "ब्रिज सपोर्ट" प्रस्ताव (RFP) भेजा है. ये एक तरह का सपोर्ट टेंडर है. इस दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भारतीय वायुसेना 2016 के भारत-फ्रांस सरकारी समझौते के तहत खरीदे गए सभी 36 राफेल विमानों का संचालन कर रही है और सितंबर 2026 के बाद भी इनके रखरखाव और तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी. इसी काम के लिए भारतीय वायु सेना ने टेंडर जारी किया है। 

36 राफेल के मेंटेनेंस के लिए एयरफोर्स ने जारी किया टेंडर

दस्तावेज के अनुसार अगले पांच महीनों के लिए 36 राफेल विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए पैकेज तैयार किया गया है। 

यह घटनाक्रम 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान सेना और पाकिस्तान-समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट्स के उन बार-बार किए गए दावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि भारत के कई राफेल विमान मार गिराए गए थे। 

पाकिस्तान के अलग-अलग मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और कमेंटेटर्स ने अलग-अलग आंकड़े पेश किए थे, जिनमें यह दावा भी शामिल था कि तीन राफेल विमान नष्ट हो गए हैं. हालांकि, IAF के हालिया दस्तावेज में बेड़े की संख्या में किसी भी कमी का जिक्र नहीं है; इसके बजाय, इसमें सभी 36 विमानों के लिए उड़ान की ज़रूरतों का हिसाब लगाया गया है। 

टेंडर दस्तावेजों के अनुसार इस सपोर्ट पैकेज का मकसद 36 राफेल विमानों को चालू हालत में बनाए रखना है. इसके तहत हर विमान के लिए औसतन सालाना 150 घंटे की उड़ान तय की गई है, जिसका मतलब है कि पांच महीने की 'ब्रिज पीरियड' (अंतरिम अवधि) के दौरान कुल 2,250 घंटे की उड़ान का अनुमान है। 

दस्तावेज में बताया गया है कि राफेल के मूल अनुबंध में 36 विमान, उनसे जुड़े उपकरण, इस्तेमाल होने वाली सामग्री, स्पेयर पार्ट्स और पांच साल तक विमानों के बेड़े के संचालन के लिए रखरखाव सहायता शामिल थी. प्रस्तावित 'ब्रिज सपोर्ट' का मकसद 18 सितंबर, 2026 के बाद भी विमानों के संचालन को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है। 

PAK की 'मनोहर कहानियां' फिर ध्वस्त
रक्षा सूत्रों का कहना है कि मेंटेनेंस और सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट आम तौर पर ऑपरेटर के पास मौजूद असल इन्वेंट्री पर आधारित होते हैं. 36 विमानों के पूरे बेड़े का बार-बार ज़िक्र होने से राफेल के नुकसान के बारे में पाकिस्तान के दावों पर और सवाल उठते हैं. पाकिस्तान ने यह झूठा दावा भी किया था कि उसने भारत की एक महिला पायलट को पकड़ लिया है. IAF चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पहले ही पाकिस्तान के इन दावों को "मनोहर कहानियां" करार दिया था। 

भारतीय वायु सेना के राफेल बेड़े के लिए ये सपोर्ट टेंडर का प्रस्ताव सैफ्रन एयरक्राफ्ट इंजन को भेजा गया है, जो राफेल के M88 इंजन बनाने वाली मूल कंपनी है. यह तरीका आमतौर पर तब अपनाया जाता है जब केवल मूल उपकरण निर्माता ही खास तकनीकी सहायता, स्पेयर पार्ट्स या सेवाएं दे सकता है। 

भारत ने फ्रांस के साथ 2016 के समझौते के तहत अपने 36 राफेल लड़ाकू विमान शामिल किए थे; ये विमान अभी IAF के नंबर 17 स्क्वाड्रन "गोल्डन एरोज़" और नंबर 101 स्क्वाड्रन में तैनात हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *