August 16, 2026

बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में सॉल्व्ड आंसर के साथ 2 वीक्षक पकड़े गए, 3 पर FIR दर्ज

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हाजीपुर.

केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार, पटना द्वारा बिहार पुलिस, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, बिहार पुलिस दूरसंचार (वितंतु) तथा तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग में सिपाही (प्रचालक) पदों पर नियुक्ति के लिए 28 जून को आयोजित लिखित परीक्षा में बड़ी धांधली पकड़ी गई।

नोबेल क्रिएटिव एकैडमी वासुदेवपुर चपुता केंद्र पर दो वीक्षक संदिग्ध गतिविधि करते पकड़े गए। मामले में स्टेटिक दंडाधिकारी ने केंद्र अधीक्षक सहित तीन के विरुद्ध काजीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। हाजीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सह स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार ने वीक्षक मुकुल कुमार, सचिन कुमार एवं केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना के विरुद्ध काजीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस प्राथमिकी के आधार पर जांच में जुट गई है।  

कमरा नंबर-1 में पकड़ी गई धांधली
प्राथमिकी के अनुसार 28 जून को 12:00 से 02:00 बजे तक एकल पाली में परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा समाप्ति के बाद स्टेटिक दंडाधिकारी सुशील कुमार, जोनल दंडाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता तनुजा एवं नगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक कुमार प्रमोद सिंह जब कमरा संख्या-1 में पहुंचे तो दो वीक्षकों को संदिग्ध गतिविधि करते देखा। पूछताछ में वीक्षकों ने अपना नाम मुकुल कुमार एवं सचिन कुमार बताया।  

वीक्षक के हाथ में मिला 1 से 100 तक का सॉल्वड आंसर
मुकुल कुमार के हाथ में एक कागज का टुकड़ा मिला, जिस पर क्रमांक 1 से 100 तक उत्तर लिखा था। प्रत्येक क्रमांक के सामने 1-A, 2-A, 3-B, 4-B से लेकर 99-B, 100-C तक लिखा हुआ पाया गया। उक्त उत्तर पत्र को जब्त कर लिया गया। 

केंद्र अधीक्षक ने वीक्षकों को भगाया
इसी दौरान केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना भी कमरे में पहुंचीं। दोनों वीक्षकों को नोवेल क्रिएटिव एकेडमी के कार्यालय में बैठाकर पूछताछ शुरू की गई। इस बीच केंद्र अधीक्षक ने अधिकारियों से बकझक करते हुए दोनों वीक्षकों को भगा दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर बुला दिया जाएगा। बार-बार कहने पर भी केंद्र अधीक्षक ने वीक्षकों को नहीं बुलाया।

प्राथमिकी दर्ज कराने से किया इनकार, मिलीभगत का आरोप
स्टेटिक दंडाधिकारी के अनुसार, वीक्षक के पास से प्रश्न पत्र के हल जैसी आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जिम्मेदारी केंद्र अधीक्षक की थी, लेकिन उन्होंने थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया और घर वापस चली गईं। कई बार फोन करने पर भी उन्होंने वीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई से इनकार किया। इससे स्पष्ट है कि वीक्षकों की संदिग्ध गतिविधि में केंद्र अधीक्षक की मिलीभगत है। मुकुल कुमार, सचिन कुमार और केंद्र अधीक्षक डॉ. आराधना सहित अन्य के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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