July 11, 2026

बिहार में 3035 फर्जी डिग्री वाले सरकारी शिक्षक बर्खास्त, सैलरी होगी वसूल, 1830 पर FIR दर्ज

0
9A_123.jpg

 पटना

बिहार के सरकारी स्कूलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाकर सालों से पढ़ा रहे शिक्षकों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है. शिक्षा विभाग ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए 3,035 सरकारी शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की तैयारी पूरी कर ली है. विभाग का गुस्सा सिर्फ नौकरी छीनने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सरकार अब इन फर्जी शिक्षकों से अब तक उठाए गए वेतन और मानदेय की सूद (ब्याज) समेत वसूली भी करेगी। 

आइए जानते हैं कि निगरानी ब्यूरो की जांच में इस महा-फर्जीवाड़े का खुलासा कैसे हुआ और अब तक क्या-क्या एक्शन लिया जा चुका है। 

1,830 एफआईआर (FIR) दर्ज
शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही इस ताबड़तोड़ कार्रवाई की नींव निगरानी ब्यूरो की जांच रिपोर्ट है. निगरानी ब्यूरो ने पूरी बारीकी से जांच करने के बाद कार्रवाई के लिए योग्य शिक्षकों की एक लंबी सूची शिक्षा विभाग को सौंप दी है. इस पूरे मामले में अब तक 1,830 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। 

इन प्राथमिकियों में कुल 3,035 शिक्षकों को अभियुक्त (आरोपी) बनाया गया है, जिन पर अब कानूनी शिकंजा पूरी तरह कस चुका है। 

2006 से 2015 के बीच की बहाली का खुला 'काला चिट्ठा'
जांच में सामने आया है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा साल 2006 से 2015 के बीच हुई शिक्षक बहाली प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है. निगरानी ब्यूरो की तफ्तीश में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं: नौकरी पाने के लिए जिन कॉलेज और यूनिवर्सिटीज की डिग्रियों का इस्तेमाल किया गया था, उनमें से कई कॉलेज पूरी तरह फर्जी (Fake) पाए गए। 

कई मामलों में तो कॉलेज सही थे, लेकिन अभ्यर्थियों द्वारा जमा किए गए प्रमाणपत्र और मार्कशीट पूरी तरह जाली या नकली थे। 

कार्रवाई के डर से इस्तीफों की बाढ़!
शिक्षा विभाग और निगरानी ब्यूरो की इस कड़ाई का असर जमीन पर भी दिखने लगा है. जैसे ही विभाग ने सूची तैयार कर कानूनी कार्रवाई और 'सूद समेत वेतन वसूली' का डंडा चलाया, फर्जी शिक्षकों में खौफ बैठ गया. खुद को कानूनी पचड़े और जेल जाने से बचाने के लिए कई शिक्षकों ने कार्रवाई होने से पहले ही चुपचाप अपना इस्तीफा सौंप दिया है. हालांकि, विभाग साफ कर चुका है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *