शीर्षक ‘स्वावलंबन के पंख ” STEM LAB ज्ञान वाटिका “नवाचार का हुआ विमोचन, पीएम श्री शाला शंकर नगर की राज्यपाल पुरस्कृत सहायक शिक्षक कामिनी साहू के नए नवाचार को मिली सराहना
समाचार
शीर्षक ‘स्वावलंबन के पंख ” STEM LAB ज्ञान वाटिका “नवाचार का हुआ विमोचन, पीएम श्री शाला शंकर नगर की राज्यपाल पुरस्कृत सहायक शिक्षक कामिनी साहू के नए नवाचार को मिली सराहना
शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढावा देने के उद्देश्य से पीएम श्री पूर्व बुनियादी प्राथमिक शाला शंकर नगर खम्हारडीह की सहायक शिक्षक कामिनी साहू के द्वारा संचालित स्वावलंबन के पंख नवाचार का पोस्टर विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने श्री देवेंद्र अग्रवाल सहायक संचालक, श्री आशीष गौतम सर श्री राजेश सिंह सहायक कार्यक्रम समन्वय पीएम श्री शाखा समग्र शिक्षा , जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से श्रीमती इंदिरा गांधी मैडम और विद्यालय में प्रधान पाठक दमयंती वर्मा और समस्त स्टाफ के साथ मिलकर नवप्रवर्तन का पोस्टर का विमोचन करते हुए इस नवाचार की सराहना की। पोस्टर में STEM LAB और स्वावलंबन के पंख गतिविधियों की जानकारी दी गई है।
स्वावलंबन के पंख नवाचार की विशेषताएं
इस नवाचार के अंतर्गत बच्चों को कबाड से जुगाड के माध्यम से उपयोगी वस्तुएं बनाना सिखाया जा रहा है। विज्ञान गणित और कला को प्रयोग के साथ जोडकर पढाया जा रहा है। साथ ही बालिकाओं की शिक्षा स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
कामिनी साहू मैडम का उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चा आत्मनिर्भर बने और सीखने के साथ साथ करने की क्षमता भी विकसित करे। ज्ञान वाटिका और STEM LAB के माध्यम से बच्चों को प्रैक्टिकल ज्ञान दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के नवाचार न केवल बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं बल्कि अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं। विद्यालय परिवार ने कामिनी मैडम के प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
*हमारा मंत्र शिक्षा से आत्मनिर्भर भारत की ओर
“स्वालंबन के पंख नवाचार “‘आइडिया की पाठशाला के अंतर्गत विद्यालय में “Stem lab ज्ञान वाटिका “”की स्थापना की गई
स्टांप लैंप जो कि बच्चों के लाभ के लिए है जिसका पूरा नाम है ऐसे
s -साइंस -विज्ञान
T से टेक्नोलॉजी -तकनीक
E इंजीनियरिंग
M मैथमेटिक्स -गणित
Stem Lab ऐसा कक्षा है जहां बच्चे किताब के साथ-साथ हाथ से करके सीखते हैं यह प्रयोग मॉडल प्रोजेक्ट और समस्या समाधान पर काम होता है
स्टेम लैपटॉप का उद्देश्य
1 बच्चों में वैज्ञानिक सोच और विज्ञापन पैदा करना
2 गणित और विज्ञान के कठिन विषयों को आसान और मजेदार बनाना
3बच्चों को समस्या समाधान और टीमवर्क सीखना
4 बच्चों को भविष्य के लिए तकनीक और नवाचार के लिए तैयार करना
5 कबाड़ से जुगाड़ करके कम लागत में सीखना
बच्चों को इस stem lab से क्या लाभ है l
1बच्चे रट कर नहीं बल्कि करके सीखते हैं इसलिए अवधारणा स्पष्ट होती है
2बच्चों का आत्मविश्वास बोलने की क्षमता बढ़ती है
3बच्चे छोटे-छोटे आविष्कार करना सिखाते हैं
4लड़के और लड़कियां दोनों को बराबर अवसर मिलता है
5बच्चे प्रतियोगिता और विज्ञान मेले के लिए तैयार होते हैं
6ड्रॉप आउट कम होता है और क्योंकि बच्चे स्कूल आने के लिए उत्सुक रहते हैं
स्कूल प्राइमरी विद्यालय में प्रयोग के माध्यम से बच्चों को स्वालंबन और अपने तर्कशक्ति समस्या समाधान और टीम भावना को विकसित करना ही इसका मुख्य उद्देश्य है
कामिनी साहू मैडम का कहना है वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच छोटे बच्चों में यदि पहले से समझाइए जाए तो उन्हें माध्यमिक और हायर स्कूल में गणित विज्ञान इंजीनियरिंग और मैथ्स से रिलेटेड जितने सवाल हैं उसको वह बेहतर तरीके से समझ पाएगा और वह अगर प्रैक्टिकल रूप में समझाया जाए तो बच्चे उसे करके सीखते हैं तो वह उनके दिमाग में हमेशा एक दृश्य पटल से मस्तिष्क में समाहित रहेगा और वह हमेशा याद रहेगा
स्वालंबन अपने पांव अपने पर खुद प्रयोग करके सीखना समझना और आत्मनिर्भर बनना जिसमें बच्चों 21वीं सदी के कौशल के 4C विकास होता है
- C -क्रिटिकल थिंकिंग जिसमें बच्चे सवाल पूछना तक करना समाधान खोजना सीखते हैं
- C.-कम्युनिकेशन प्रभावी संचार टीम के साथ अपने विचार स्पष्ट साझा करना सिखाते हैं
- C- कोलैबोरेशन से योगात्मक कार्य साथ मिलकर सिग्नल कार्य करना और चौथा है
- C -क्रिएटिविटी रचनात्मक जुगाड़ नमस्कार ने विचारों को सिर्फ उपयोग की वस्तुएं बनाना
स्वालंबन के पंख नवाचार में विद्यालय में हर शनिवार विज्ञान के प्रयोग वाले एक्टिविटी बच्चों के साथ किए जाएंगे जिससे बच्चे स्वालंबन और आत्मनिर्भर बनेंगे जिससे बच्चों के चेहरे पर मुस्कान आती है बच्चे अपने आप में स्वयं से करके जब करते हैं तो उनका मुस्कान एक पॉजिटिव होता है
स्वालंबन के पंख stem lab कैलेंडर
पहले सप्ताह में साइंस विज्ञान सप्ताह,
दूसरे सप्ताह में टेक्नोलॉजी तकनीक सप्ताह, तीसरे सप्ताह में इंजीनियरिंग सप्ताह और चौथे सप्ताह में गणित सप्ताह मनाया जाएगा जिसमें सप्ताह के विषय होंगे उस रिलेटेड विज्ञान को समझने का प्रयोग के माध्यम से गतिविधियां करवाई जाएगी। इससे बच्चों को अलग-अलग गतिविधियां हर सप्ताह सीखने का मौका मिलेगा।
कामिनी मैडम ने अपने स्कूल में कई गतिविधियां कारण जिसमें हमारी छाया कैसे बनती है उसका क्या कारण है
गणित में वृत्त का टीएलएम के माध्यम से समझाया और साथ ही टेक्नोलॉजी से रिलेटेड लाइट कैसे जलता है उसको समझाया और साथ में साइंस से रिलेटेड गुब्बारे के कई प्रयोगों का करके दिखाया की हवा किस तरह से ,हवा का कार्य होता है ,दबाव कैसा होता है उसे क्या परिवर्तन होते हैं यह भी समझने की कोशिश की। कई गतिविधियां अब तक कामिनी साहू मैडम के द्वारा की गई है जिसमें पपेट शो के माध्यम से भी बच्चों को कविता और अन्य माध्यमों के साथ खेल खेल में गतिविधि करते हुए अपने पाठ्यक्रम को सुनिश्चित करते हुए बच्चों को मजेदार गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई करवा रही है रहे हैं
अधिकारी ने कहा कि कामिनी मैडम पर यह प्रश्न विद्यालयों के लिए प्रेरणा है कम समय और सीमित संसाधन के बाद भी उन्होंने बच्चों के सरवन विकास की सराहनीय कार्य किया है और इसका परिणाम क्या हुआ कि बच्चों की उपस्थितियों सीखने की रुचि दोनों में वृद्धि होगी
मैडम ने अपने नवाचार “”स्वालंबन के पंख”” के लिए एक कविता नई रचना भी तैयार की है जो की बहुत ही प्रेरणा स्रोत और प्रेरणादायक है जिससे बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी एक प्रेरणा देती है कि बच्चों के लिए किस प्रकार उन्हें स्वावलंबी और अपने लिए आत्मनिर्भर भारत की ओर आगे बढ़ाना है शिक्षिका कामिनी साहू का एक सपना भी है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर अपने नवाचार को पहचान दिला पाए। और यह नवाचार बच्चों के सर्वानी विकास की दुकान महत्वपूर्ण कदम है।
इस प्रकार अपनी मेहनत समर्पण और नवाचार की सोच हम सभी के लिए प्रेरणा बन पाए इसी आशा के साथ शिक्षा और समाज सेवा में अपना योगदान शिक्षिका दे रही है।

