थाना छावनी, थाना उतई एवं थाना दुर्ग कोतवाली
साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों पर दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 08 खाताधारकों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही
▪️ थाना छावनी, थाना उतई एवं थाना दुर्ग कोतवाली के तीन अलग-अलग प्रकरणों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए 08 म्यूल बैंक खाताधारकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3), 318(4) बीएनएस के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
▪️ आरोपी कमीशन के लालच में अपने एवं अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराकर साइबर ठगी की राशि के अवैध लेन-देन में सहयोग कर रहे थे।
▪️ तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगी की रकम के मनी ट्रेल का खुलासा करते हुए म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की गई।
▪️ दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बैंक खाता किराए पर देना, बेचना अथवा किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग हेतु उपलब्ध कराना गंभीर आपराधिक कृत्य है, जिसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु :
थाना छावनी के अपराध क्रमांक 312/2026, थाना उतई के अपराध क्रमांक 240/2026 एवं थाना दुर्ग कोतवाली के अपराध क्रमांक 241/2026 में धारा 318(2), 318(3), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की राशि के अवैध लेन-देन में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों के संबंध में विवेचना की जा रही थी।
संक्षिप्त विवरण :
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराध एवं म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना छावनी, थाना उतई, थाना दुर्ग कोतवाली एवं एसीसीयू दुर्ग की संयुक्त टीम द्वारा लगातार तकनीकी निगरानी, बैंक खातों का विश्लेषण एवं डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया।
विवेचना के दौरान प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंकिंग विश्लेषण के आधार पर दिनांक 15.07.2026 को कुल 08 म्यूल बैंक खाताधारकों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी अपने स्वयं के तथा अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि के लेन-देन एवं हस्तांतरण के लिए कर रहे थे। आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं खातों से लिंक सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे, जिनके माध्यम से ठगी की राशि विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर मनी ट्रेल छिपाई जाती थी।
विवेचना में यह भी पाया गया कि कुछ आरोपियों ने अपने बैंक खाते ₹10,000 से ₹15,000 तक की राशि लेकर साइबर अपराधियों को बेच दिए थे तथा संबंधित बैंकिंग दस्तावेज एवं सिम कार्ड भी उनके सुपुर्द कर दिए थे, जिससे खातों का संचालन पूर्णतः साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला गया।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) :
आरोपी कमीशन प्राप्त करने के उद्देश्य से अपने अथवा अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के अवैध हस्तांतरण, मनी ट्रेल छिपाने तथा विभिन्न खातों के माध्यम से रकम को आगे स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था।
घटनास्थल :
थाना छावनी, थाना उतई एवं थाना दुर्ग कोतवाली क्षेत्र, जिला दुर्ग।
आरोपी का नाम :
- अश्वंश कुमार प्रसाद, उम्र 25 वर्ष, निवासी बापू नगर, जोन-02, खुर्सीपार, भिलाई।
- सागर राम, निवासी शिवाजी नगर, चंद्रमा चौक, खुर्सीपार, भिलाई।
- नितिन सिंघल, उम्र 45 वर्ष, निवासी वर्धमान हाइट्स, गंजपारा, दुर्ग।
- अजय कुमार धहरिया, उम्र 28 वर्ष, निवासी इंदिरा नगर, सुपेला, भिलाई।
- सोनू कमलाकर पाटने, उम्र 34 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड, भिलाई।
- राहुल यादव, उम्र 28 वर्ष, निवासी गोकुल नगर, जामुल।
- रेखा सिंह, निवासी सुपेला। (विवेचना में)
- जूही तबस्सुम, निवासी कैंप-02, भिलाई।
जप्त सामग्री :
- बैंक पासबुक
- एटीएम कार्ड
- चेकबुक
- सिम कार्ड
- मोबाइल फोन
- अन्य बैंकिंग दस्तावेज
सराहनीय कार्य :
उक्त कार्रवाई में थाना छावनी, थाना उतई, थाना दुर्ग कोतवाली एवं एसीसीयू दुर्ग की संयुक्त टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग साक्ष्य संकलन एवं प्रभावी विवेचना में सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति के बहकावे अथवा कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक अथवा सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना स्वयं को गंभीर आपराधिक प्रकरण में आरोपी बनाए जाने का कारण बन सकता है। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

