दिल्ली में मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण की अवधि बढ़ी, अब आठ अगस्त तक चलेगी
नई दिल्ली
भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम की तारीखों में बड़ा बदलाव किया है। SIR की प्रक्रिया राजधानी में 10 दिन और चलेगी। पहले प्रक्रिया 29 जुलाई को समाप्त हो रही थी। अब 8 अगस्त तक जारी रहेगी। इससे पहले हरियाणा में भी 10 दिन की अवधि बढ़ाई गई थी। सूत्रों की मानें तो दिल्ली चुनाव आयोग ने भी दो दिन पहले तिथि बढ़ाने की गुजारिश की थी। केंद्रीय चुनाव आयोग ने गुजारिश को मान लिया।
- 30 जून से राजधानी में SIR की प्रक्रिया शुरू हुई थी। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन और फॉर्म बांटने और कलेक्ट करने का काम 29 जुलाई को खत्म होने वाला था।
- आयोग ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि छूटे हुए मतदाताओं को अपना नाम जुड़वाने का पूरा मौका मिल सके और कोई भी पात्र नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर न रहें।
- नए शेड्यूल के तहत, घर-घर जाकर सत्यापन का काम अब 8 अगस्त तक चलेगा
- इसके साथ ही मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और उनके रेशनलाइजेशन का काम भी 8 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा।
- इसके बाद 17 अगस्त 2026 को मतदाता सूची का पहला मसौदा जारी किया जाएगा।
- पहले ड्राफ्ट रोल 5 अगस्त को जारी किया जाना था। यदि किसी व्यक्ति को वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाना है या किसी भी तरह का सुधार कराना है, तो वे 17 अगस्त से 16 सितंबर के बीच अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
- पहले दावे और आपत्तियां 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दिए जा सकते थे। लोगों से मिलने वाले इन सभी आवेदनों की जांच और उनका निपटारा करने के लिए निर्वाचन अधिकारियों को 17 अगस्त से 15 अक्टूबर तक का समय दिया गया है।
अब तक 30,907 मृत वोटर मिले
राजधानी में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत एन्यूमरेषन फॉर्म बांटने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही वोटर्स के डेटा को कंप्यूटर पर अपलोड करने का काम भी जारी है। शुरुआती आंकड़ों में वोटर लिस्ट की छटनी की तस्वीर भी सामने आने लगी है। अब तक चुनाव आयोग को 30,907 ऐसे वोटर मिले हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। सबसे बड़ी संख्या शिफ्टेड वोटर्स की है। अब तक 1,20,450 वोटर ऐसे मिले हैं, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। प्रक्रिया में 12,160 वोटर ऐसे मिले हैं, जो अपने घर पर नहीं थे।
