योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, छात्राओं को स्कूटी और नए एक्सप्रेसवे मंजूर
लखनऊ
यूपी की योगी कैबिनेट में छात्राओं को स्कूटी समेत महिलाओं को कई सौगात, नई इलेक्ट्रिक बस, लिंक एक्सप्रेसवे समेत 18 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। इसके साथ ही विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी घोषणा की गई है। अगले महीने तीन अगस्त को सत्र का शुभारंभ होगा। चार दिनों तक यानी छह अगस्त तक यह सत्र चलेगा। इस दौरान अनुपूरक बजट भी लाया जाएगा।
कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि हर संस्थान की 2025-26 में ग्रेजुएशन की टॉप पांच प्रतिशत छात्राओं को स्कूटी मिलेगी। इसमें राजकीय विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय इससे जुड़े कॉलेज, वित्तपोषित कॉलेज, एडेड महाविद्यालय सभी को इसकी परिधि में लिया गया है।
ऐसे परिवारों की छात्राओं को स्कूटी मिलेगी जिसके परिवार की वार्षिक आय 12 लाख तक होगी। स्कूटी का पंजीकरण, बीमा सरकार ही वहन करेगी। स्कूटी के साथ ही हेलमेट और एसेसरीज भी दी जाएगी। इसके साथ ही देते समय पांच लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा। करीब 50 हजार छात्राओं को सरकार इस साल स्कूटी देगी। स्कूटी की खरीदी जेम पोर्टल से जल्द की जाएगी। दिव्यांगजन, निराश्रित परिवार और शहीद परिवारों की बेटियों की मेरिट नहीं देखी जाएगी और न ही उनके परिवार की आय देखी जाएगी।
छात्राओं महिलाओं के लिए हॉस्टल
वहीं, वाराणसी के बसंत महिला महाविद्यालय में एक छात्रावास की स्थापना होगी। इसमें 112 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के लिए भी 500 कमरे का हॉस्टल बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव पास किया गया है।
लिंक एक्सप्रेस-वे के मंजूरी
इसके साथ ही लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी गई है। प्रयागराज से सोनभद्र तक 330 किमी एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिली है। विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को हरी झंडी मिली है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से यह कनेक्ट होगा। 117 किमी लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। यह गाजीपुर, मिर्ज़ापुर और चंदौली को जोड़ेगा।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर भी मुहर लगी है। ईपीसी मोड में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण के लिए विकासकर्ता चयन प्रस्ताव पास किया गया है।
अन्य फैसले
-220 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को भी मंजूरी मिली है। कुछ बसें 50 और कुछ 42 शीटर होंगी। इसके लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
-संभल हिंसा की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब इसे विधानमंडल के पटल पर रखा जाएगा।
-आउटसोर्सिंग सेवा निगम के पोर्टल और सेलरी के लिए 20 करोड़ रुपया उधार दिया जाएगा। पांच साल बाद इसकी अदायगी शुरू होगी। दस साल में दो करोड़ सालाना की दर से इसे वापस लिया जाएगा।
