बिलासपुर में मंच पर गाना गाते-गाते प्रोफेसर को आया हार्ट अटैक, मौके पर हुई मौत
बिलासपुर.
बिलासपुर के गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने पर पार्टी चल रही थी। जिसमें छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शैलेंद्र कुमार सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस कार्यक्रम में गाना गाने के बाद प्रोफेसर बाथरूम में गिरे मिले। जिससे कार्यक्रम बंद करना पड़ा।
दरअसल, यूनिवर्सिटी में 23 जुलाई को कुलपति प्रो. चक्रवाल का 5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ। कुछ दिन पहले ही उन्हें एक्सटेंशन देने का आदेश जारी किया गया था। इस मौके पर अधिकारियों ने प्रो. चक्रवाल से मिलकर उन्हें शुभकामनाएं दी थीं। वहीं, शुक्रवार सुबह विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. चक्रवाल और कुलसचिव अश्वनी दीक्षित ने सुरक्षाकर्मियों और सफाई कर्मियों को फूड पैकेट बांटे।
शाम को पार्टी का आयोजन, गाना गा रहे प्रोफेसर को आया अटैक
शुक्रवार शाम को अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए रजत जयंती सभागार (ऑडिटोरियम) में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें प्रो. शैलेंद्र कुमार ने भी गीत प्रस्तुत किए। शाम 6.30 बजे तक वे पांच गीत गा चुके थे, लेकिन छठा गीत गाने के दौरान उन्हें बेचैनी महसूस हुई। उन्होंने गाना बीच में ही रोक दिया।
बाथरूम में बेहोश पड़े मिले प्रोफेसर
जिसके बाद वो बाथरूम चले गए। कुछ देर बाद फोटोग्राफर ने उन्हें बाथरूम में बेहोश देखा। इसकी सूचना अधिकारियों को दी। आनन-फानन में उन्हें व्यापार विहार स्थित एलाइट अस्पताल ले जाया गया। वहां, कुलपति सहित सभी अधिकारी पहुंच गए। कुछ देर तक उनका उपचार चला, लेकिन बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिष्ठाता की मौत की सूचना मिलने पर उनकी पत्नी की तबीयत भी खराब हो गई। वहीं, उनके बेटे, जो पटना में डॉक्टर हैं, उन्हें भी सूचना दे दी गई है। उनके शनिवार को शहर पहुंचने की संभावना है।
कैंपस की एंबुलेंस नहीं पहुंची, रजिस्ट्रार अपनी कार से ले गए अस्पताल
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शैलेंद्र कुमार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलवाई गई, लेकिन वह नहीं पहुंची। इसके बाद रजिस्ट्रार अश्वनी दीक्षित अपनी कार से उन्हें अस्पताल लेकर गए। बताया जाता है कि जहां कार्यक्रम था, वहां से महज 100 मीटर की दूरी पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है, जहां एंबुलेंस उपलब्ध रहती है, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंची। इसलिए रजिस्ट्रार अपनी कार से उन्हें व्यापार विहार स्थित एलाइट अस्पताल लेकर गए। यह भी चर्चा है कि विश्वविद्यालय से अस्पताल की दूरी लगभग 8.4 किलोमीटर है। ऐसे में उन्हें अस्पताल पहुंचाने में भी समय लगा।
आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी किए थे
प्रो. शैलेंद्र कुमार सिविल इंजीनियरिंग के प्रख्यात शिक्षाविद् थे। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी की और एनआईटी जमशेदपुर में अध्यापन के बाद 2011 में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय से जुड़े। वे प्रोफेसर, प्रभारी कुलसचिव और छात्र कल्याण अधिष्ठाता रहे। उनके नाम अनेक शोधपत्र, पुस्तकें, पेटेंट और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शोध उपलब्धियां दर्ज हैं।
