August 6, 2026

राजस्थान मेडिकल कॉलेजों में 988 नर्सों की नियुक्ति को मिली मंजूरी

0
135-2.jpg

जयपुर
राजस्थान के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ की कमी से जूझ रही स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द राहत मिलने वाली है। राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स के तहत चयनित अभ्यर्थियों के कार्यग्रहण के बाद रिक्त हुए 988 पदों पर वित्त विभाग ने जॉब बेसिस पर सेवाएं लेने की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। जिससे मेडिकल कॉलेजों के रिक्त पदों की सूची जारी कर प्राचार्यों को पूर्व में कार्यरत संविदा नर्सों की शीघ्र नियुक्ति के निर्देश दिए है। रिक्त पदों की सूची के अनुसार सीकर मेडिकल कॉलेज को 49 नर्स ग्रेड मिल जाएंगे।

इन नर्सों को हटाए जाने से पिछले कुछ समय से नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण कार्यरत नर्सों पर कई मरीजों की जिम्मेदारी आ गई थी। इसका असर दवा वितरण, मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग, ड्रेसिंग, इंजेक्शन, ऑपरेशन के बाद देखभाल और प्रसूति सेवाओं पर भी पड़ रहा था। गौरतलब है कि अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन), राजस्थान मेडिकल एज्यूकेशन सोसाइटी सुरेश नवल ने इस संबंध में आदेश जारी किया हैं।

मरीजों को होगा फायदा
मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध चिकित्सा संस्थानों में नए पदों की भर्ती से लंबे समय से प्रभावित वार्ड, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और आपातकालीन सेवाओं को फिर से गति मिलेगी। ट्रोमा, लेबर रूम सहित आईपीडी के वार्डों में नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर होगी। मरीजों को समय पर दवा, इंजेक्शन और ड्रेसिंग मिल सकेगी। आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और प्रसूति वार्ड की सेवाएं बेहतर होंगी।

एक नर्स पर मरीजों का भार कम होगा, जिससे उपचार की गुणवत्ता बढ़ेगी। भर्ती मरीजों की निगरानी और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था मजबूत होगी। अस्पतालों में लंबित कार्यों में कमी आएगी।

किन मेडिकल कॉलेज में कितने हैं पद रिक्त
एसएमएस जयपुर – 185
डूंगरपुर – 100
जोधपुर – 84
बीकानेर – 84
बाड़मेर – 73
अजमेर – 62
सीकर – 49
चूरू – 46
उदयपुर – 41
कोटा – 35
भीलवाड़ा – 35
झालावाड़ – 35
भरतपुर – 35
पाली – 30
हनुमानगढ़ – 23
सिरोही – 22
बूंदी – 11
नागौर – 5
चित्तौड़गढ़ – 3
धौलपुर – 2।

रिक्त पदों की सूची जारी
सभी मेडिकल कॉलेज के रिक्त पदों की सूची जारी कर दी है। संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अस्पतालों में पूर्व में कार्यरत संविदा नर्सेज की अति शीघ्र नियुक्ति करें। इन नियुक्तियों से सम्बद्ध अस्पतालों में दवा वितरण, मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग, ड्रेसिंग, इंजेक्शन, ऑपरेशन के बाद देखभाल और प्रसूति सेवाओं को फायदा मिलेगा।
राजेश कुमार बाटड़, जिला अध्यक्ष अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *