August 15, 2026

Delhi-Mumbai Expressway: 1380 KM का देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम से सूरत तक जुड़ेंगे ये प्रमुख शहर

0
11A_188.jpg

नई दिल्ली

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा या सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे है. दिल्ली से महाराष्ट्र के बीच यह छह राज्यों के बीच 1380 किलोमीटर लंबा रूट है, जो लिंक एक्सप्रेसवे मिलाकर 1450 किमी तक हो जाता है. ये 8 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है, जिसे 12 लेन तक चौड़ा किया जा सकता है.दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के अलावा ये मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को कनेक्ट करता है. पूरा कॉरिडोर चालू होने के बाद दिल्ली से मुंबई का सफर 24 घंटे की जगह 12 घंटे रह जाएगा.ये एशिया का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है, जिसमें वन्यजीवों की जंगलों, वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी में आवाजाही को देखते हुए ओवरपास और मुकुंदरा हिल्स में सुरंग के साथ बनाया गया है। 

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा (करीब 850 किलोमीटर) चालू हो चुका है. दिल्ली से गुजरात के वड़ोदरा गुजरात तक का एक्सप्रेसवे आवाजाही के लिए खुल चुका है. वड़ोदरा से मुंबई के बीच लगभग 450-500 किलोमीटर का काम पूरा किया जा रहा है। 

    दिल्ली और हरियाणा: 169 किमी: 100 फीसदी चालू
    राजस्थान : 373 किमी: 98% पूरा, केवल टनल का थोड़ा काम
    मध्य प्रदेश : 244 किमी : 100 फीसदी पूरा
    गुजरात : 426 किमी : 85 फीसदी पूरा
    महाराष्ट्र : 174 किमी : 60 फीसदी पूरा

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का रूट
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (NHAI) देश के 20 बड़े शहरों और लिंक रूट को जोड़ दें तो 30 शहरों को कनेक्ट करके सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार करता है. दिल्ली के सराय काले खां, डीएनडी फ्लाईओवर से हरियाणा में गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, नूंह मेवात,पलवल तक जाता है. राजस्थान में अलवर, बांदीकुई, दौसा, जयपुर (लिंक रूट), सवाई माधोपुर, कोटा और बूंदी को जोड़ता है। 

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का एमपी का रूट
मध्य प्रदेश में मंदसौर, गरोठ,जावरा, रतलाम, झाबुआ को ये जोड़ता है. जबकि लिंक रूट से इंदौर, उज्जैन और भोपाल भी दायरे में आते हैं. गुजरात का दाहोद, गोधरा, वड़ोदरा, भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, वापी इससे कनेक्ट होता है. महाराष्ट्र में पालघर,ठाणे, वसई, विरार, मुंबई  में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट इसका आखिरी पड़ाव है. जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए भी लिंक रूट तैयार हो रहा है। 

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का अपडेट
हरियाणा के सोहना से राजस्थान के दौसा और लालसोट का 246 किमी का हिस्सा सबसे पहले शुरू हुआ था.इससे दिल्ली से जयपुर, रणथंभौर का सफर तेज रफ्तार वाला बन गया. फिर मध्य प्रदेश में झाबुआ, रतलाम और मंदसौर का 244 किमी का पूरा हिस्सा चालू किया गया था. राजस्थान और कोटा बाईपास को जोड़ते हुए राजस्थान करीब 98 फीसदी काम हो चुका है.कोटा बाईपास का 80 किमी का एरिया और बांदीकुई-जयपुर लिंक रूट का 67 किमी का हिस्सा खोल दिया गया है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का गुजरात का रूट
गुजरात में वड़ोदरा से भरूच का 86 किमी का गलियारा भी आवाजाही के खोला गया है.गोधरा से वड़ोदरा का 81 किमी के रूट को ट्रायल में ट्रैफिक के लिए खोला गया है. दिल्ली एनसीआर में इसे डीएनडी-फरीदाबाद-कुंडली मानेसर पलवल लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है. दिल्ली के सराय काले खां से DND फ्लाईवे से फरीदाबाद होते हुए KMP को जोड़ने वाला 59 किमी का हिस्सा भी चालू होने के अंतिम चरण में है। 

अभी गुजरात और मुंबई के लिंक पर काम
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आखिरी हिस्से के तौर पर वड़ोदरा से आगे सूरत, नवसारी और वलसाड जैसे जिलों का 20 फीसदी तक काम बाकी है. महाराष्ट्र में विरार, पालघर से लेकर वसई से JNPT पोर्ट 170 किमी के करीब का एरिया है. पहाड़ी और तटीय इलाके में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी जटिलताओं से यह 60 फीसदी ही पूरा हो सका है. मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच मुकुंदरा हिल्स टनल का भी आखिरी चरण में है। 

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कब होगा
दिल्ली से मुंबई और JNPT पोर्ट तक 1350 किमी एक्सप्रेसवे के पूरा  होने का लक्ष्य 2027 के आखिरी के महीनों तक तय किया गया है. इससे बुलेट ट्रेन वाली रफ्तार से दिल्ली से मुंबई का सफर 12 से 14 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के तहत है. भारतमाला परियोजना के फेज-1 में इसका निर्माण हो रहा है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *