रायपुर, 15 अगस्त 2026: जिंदल स्टील लिमिटेड के मशीनरी डिविजन, रायपुर में 80वां स्वतंत्रता दिवस मंदिर हसौद स्थित कारखाना परिसर में अत्यंत हर्षोल्लास, देशभक्ति के उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर कंपनी प्रबंधन, कर्मचारी और उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अनुशासित मार्च पास्ट और तत्पश्चात गरिमामय ध्वजारोहण समारोह के साथ हुआ।
उपस्थित सभी लोगों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्लांट हेड श्री नीलेश टी. शाह ने जिंदल स्टील की भावी विकास एवं रणनीतिक योजनाओं के संबंध में विचार साझा किए। अपने संबोधन में श्री शाह ने रेखांकित किया कि यह पावन अवसर न केवल स्वतंत्रता का उत्सव मनाने का है, बल्कि राष्ट्र निर्माण और देशभक्ति को समर्पित संस्थान पर गर्व करने का भी है।
तिरंगे के प्रति समर्पण को रेखांकित करते हुए श्री शाह ने चेयरमैन श्री नवीन जिंदल के दूरदर्शी नेतृत्व को नमन किया। महज 22 वर्ष की आयु में श्री जिंदल ने यह संकल्प लिया था कि देश के प्रत्येक आम नागरिक को ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार मिलना चाहिए। उनके एक दशक लंबे कानूनी संघर्ष के परिणामस्वरूप, सर्वोच्च न्यायालय ने 23 जनवरी 2004 को ध्वजारोहण को मौलिक अधिकार घोषित किया, जिससे देश के नागरिकों को साल के 365 दिन गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा प्रदर्शित करने का अधिकार मिला। आज 140 करोड़ देशवासी तिरंगे के माध्यम से अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं तो इसमें चेयरमैन श्री नवीन जिन्दल जी का ऐतिहासिक योगदान है।
श्री शाह ने संस्थापक चेयरमैन, आदरणीय बाउजी श्री ओ.पी. जिंदल के मूल सिद्धांतों को दोहराते हुए कहा “काम ही पूजा है और देश की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।“
इन आदर्शों पर चलते हुए जिंदल स्टील लिमिटेड एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी की असली संपत्ति उसकी मशीनरी नहीं, बल्कि उसके समर्पित कर्मचारी और उनके परिवार हैं।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने बाउजी के सपनों को पूरा करने, तिरंगे की शान बनाए रखने तथा संस्थान और राष्ट्र को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सामूहिक संकल्प लिया।

