August 18, 2026

त्योहारों से पहले राजस्थान सरकार सख्त, मिलावटखोरों पर होगी त्वरित कार्रवाई

0
73-14.jpg

जयपुर
प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग गायत्री राठौड़ ने कहा कि त्यौहार के दौरान आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए । राठौड़ ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जोखिम आधारित जांच, प्रभावी सैंपलिंग और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि त्यौहार के दौरान जिन खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका अधिक रहती है, उन पर विशेष निगरानी रखी जाए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मैदानी स्तर पर सक्रिय रहें और मिलावटी अथवा असुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलने पर नियमानुसार तुरंत कार्रवाई करें।

उन्होंने निर्देश दिए कि सैंपल लेने के बाद उनकी जांच भी तय समय में पूरी हो, ताकि मिलावट पाए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ आगे की कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं हो। विभाग की पूरी कार्रवाई का उद्देश्य आमजन की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए।

बैठक में बाजार में बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाली ओटीसी(बिना पर्ची वाली दवाएँ) दवाओं की सैंपलिंग को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। ऐसी दवाओं की नियमित जांच कर उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि कोई दवा निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाई जाती है तो उसकी जांच और कानूनी कार्रवाई में देरी नहीं की जाएगी। संबंधित पक्ष की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए कि खाद्य एवं औषधि सुरक्षा से जुड़े मामलों में सैंपल लेने, जांच करने, जिम्मेदारी तय करने, कानूनी कार्रवाई और न्यायालय में मामलों की पैरवी तक पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। लंबित मामलों में जरूरी दस्तावेज और साक्ष्य समय पर उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके।

राठौड़ ने कहा कि खाद्य एवं औषधि सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से आमजन को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। लोगों को मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की पहचान, खाद्य सामग्री के सही भंडारण एवं उपयोग तथा दवाओं के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जाए।

उन्होंने कहा कि लोगों को दवा खरीदते समय लेबल पढ़ने, निर्धारित मात्रा एवं उपयोग अवधि का ध्यान रखने तथा एक्सपायर्ड या संदिग्ध दवाओं का इस्तेमाल नहीं करने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर योग्य चिकित्सक या फार्मासिस्ट से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया जाए।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *