August 18, 2026

मसूद अजहर का हिमायती और जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध समर्थक गिरफ्तार, बिहार से जुड़े जफर पर फंडिंग के आरोप

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 लखनऊ
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद जफर पुत्र मोहम्मद जहीर के रूप में हुई है. वह बिहार के पूर्णिया जिले के ग्राम मीरगंज, थाना रौता का निवासी है। 

ATS के मुताबिक, सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मदरसे के नाम पर लोगों से चंदा वसूलकर उसे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन को भारत में जिहाद के उद्देश्य से भेज रहा था। 

मसूद अजहर की तकरीरों से था प्रभावित
जांच में पता चला है कि वह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर से प्रभावित था और उनके बयान तथा भड़काऊ जिहादी तकरीरें सोशल मीडिया पर साझा कर लोगों को हिंसात्मक जिहाद के लिए उकसा रहा था। 

चेहरा ढककर करता था खिलाफत
एटीएस के अनुसार, आरोपी पहले मेरठ के एक मदरसे में पढ़ाई कर चुका है, जहां पढ़ाई के दौरान मुजाहिदों की शहादत पढ़कर वह खुद मुजाहिद बनना चाहता था. उसके सोशल मीडिया की जांच के दौरान पता चला है कि वह अपनी फेसबुक आईडी पर चेहरा ढककर जिहाद और खिलाफत से जुड़े संदेश साझा करता था और लोगों को हिंसक जिहाद के लिए भड़काता था। 

बाइनेंस-USDT के जरिए फंडिंग
जांच में आरोपी के फोन से कई पाकिस्तानी जिहादी व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिनमें जिहाद और चंदे की बातचीत दर्ज है. जैश के जिहादी ग्रुप के जरिए वह पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया. पाकिस्तानी बैंक खाते में विफल होने के बाद उसने हैंडलर से बाइनेंस अकाउंट मांगा. इसके बाद अन्य पाकिस्तानी संदिग्धों से जुड़कर बाइनेंस की मदद से यूएसडीटी (USDT) और बिजनेस अकाउंट यूपीआई के जरिए कई बार पैसे भेजे। 

ATS ने बताया कि कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी मोहम्मद जफर ने अपने सभी अपराध स्वीकार कर लिया है. यूपी एटीएस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस-2023 की धारा 152, 61(2) और यूएपीए अधिनियम-1967 की धारा 18/38 के तहत मुकदमा दर्ज किया है. एटीएस अब गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार अदालत में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी करने में जुटी है। 

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