IIT पटना में दिखी पूरे देश की झलक, 26 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के छात्रों ने लिया दाखिला
पटना
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), पटना में इस वर्ष 26 राज्य, दो केंद्र शासित प्रदेश तथा पड़ोसी देश नेपाल के विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है।
वहीं, पिछले चार वर्षों के नामांकन को शामिल कर लिया जाए तो कमोबेश सभी राज्य व केंद्रशासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व आइआइटी पटना कैंपस में हैं।
विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ अपने प्रदेश और देश की सांस्कृतिक रंग और खासियत की छटा भी विविध कार्यक्रमों के माध्यम से कैंपस में बिखेरते रहते हैं।
विद्यार्थियों की मानें तो सभी राज्यों के विद्यार्थियों के रहने से पूरे देश की सांस्कृतिक, राजनीतिक, भौगोलिक परिदृश्य के साथ वहां के परिवेश को समझना आसान हो जाता है।
2026 में स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी कोर्स में एक हजार 177 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है। इसमें सबसे अधिक बीटेक व बीएस कोर्स के 620 विद्यार्थी हैं।
बीटेक-एमटेक ड्यूल डिग्री के 72, बीटेक-बीएस एमबीए ड्यूल डिग्री के 57, एमएससी के 72, एमटेक के 253, एमटेक रिसर्च के चार, पीएचडी के 91 तथा प्रिपरेटरी में आठ विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है।
बीटेक-बीएस में बिहार से ज्यादा यूपी व तेलंगाना के विद्यार्थी
संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (जोसा) के आंकड़े के अनुसार आइआइटी पटना में 2026 में बीटेक-बीएस कोर्स में सबसे अधिक 86-86 विद्यार्थी उत्तरप्रदेश और तेलंगाना के हैं
इसके बाद बिहार का नंबर आता है। इस वर्ष बीटेक व बीएस कोर्स में कुल नामांकित 620 छात्रों में बिहार के 77 हैं। इसके बाद आंध्रप्रदेश के 69, महाराष्ट्र के 60, राजस्थान के 35, हरियाण के 30, पश्चिम बंगाल के 26, मध्यप्रदेश के 24, दिल्ली व गुजरात के 20-20, कर्नाटक के 15, झारखंड के 13 विद्यार्थी शामिल हैं।
स्नातक स्तरीय बीटेक-बीएससी, बीटेक-एमटेक ड्यूल डिग्री, बीटेक-बीएस एमबीए ड्यूल कोर्स में नामांकन जेईई एडवांस की रैंक के आधार पर होता है।
इसकी काउंसिलिंग जोसा कराती है। वहीं, पीएचडी सहित सभी कोर्स को शामिल कर लें तो समग्रता में बिहार के विद्यार्थियों की संख्या सबसे अधिक कुल 1177 में 271 है।
इसमें बड़ी भागीदारी एमटेक के 100 और पीएचडी के 63 विद्यार्थियों की है। समग्रता में इस वर्ष नामांकित विद्यार्थियों में दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश के 164, तीसरे पर तेलंगाना के 111, चाैथे पर महाराष्ट्र के 93 और पांचवें नंबर पर आंध्रप्रदेश के 87 छात्र-छात्राएं हैं।
पूर्वोत्तर के राज्य असम के 20, अरुणाचल प्रदेश व सिक्किम के दो-दो, मिजोरम व नागालैंड के एक-एक विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है। नेपाल के एक विद्यार्थी एमटेक कोर्स में नामांकित हैं।
ड्यूअल डिग्री वाले आइआइएम मुंबई व बोधगया में करेंगे पढ़ाई
बीटेक-बीएस एमबीए में नामांकन विद्यार्थी सात सेमेस्टर की पढ़ाई के बाद अंतिम तीन सेमेस्टर की पढ़ाई भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम), मुंबई और बोध गया में करेंगे।
ड्यूअल डिग्री में नामांकित विद्यार्थियों को बगैर कामन एडमिशन टेस्ट (कैट) में शामिल नहीं हुए आइआइएम से प्रबंधन की उपाधि मिलेगी। आइआइटी पटना का आइआइएम मुंबई और बोधगया के साथ ड्यूल डिग्री के लिए एमओयू हुआ है।
आइआइटी में पटना इस वर्ष 26 राज्य के विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है, कैंपस में लगभग हर राज्य के विद्यार्थी हैं। संस्थान के लिए यह सुखद है कि पूरा देश का प्रतिनिधित्व है। ऐसी स्थिति विद्यार्थियों को पूरे देश को समग्रता में समझने में सहूलियत प्रदान करती है। बच्चे विविध कार्यक्रमों के माध्यम से अपने-अपने राज्य की परंपरा और संस्कृतिक को समय-समय पर साझा करते हैं।
प्रो. टीएन सिंह, निदेशक, आइआइटी पटना।
