August 24, 2026

बिलासपुर की ग्रामीण बेटियों का कमाल! दीवार पर थूकते ही बजेगा अलार्म, बारिश में खुद खुलेगा छाता

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 बिलासपुर
 सरकारी स्कूलों की दो छात्राओं ने अपनी वैज्ञानिक सोच से वह कर दिखाया हैं, जो बड़े-बड़े इंजीनियर नहीं सोच पाए। देवरी खुर्द और बिजौर के ग्रामीण परिवेश से निकलीं दो बेटियों ने कबाड़ और कम लागत में ऐसे उपकरण तैयार किए हैं, जो रोजमर्रा की बड़ी समस्याओं का स्मार्ट समाधान देते हैं। इनके नवाचार का चयन राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है।

सड़क, दफ्तर और सार्वजनिक दीवारों पर गुटखा-पान थूकने वालों की अब खैर नहीं होगी। छात्रा रेणुका धनुआर ने वाल माउंट स्पिट डिटेक्शन सिस्टम विकसित किया है, जिसके सामने आते ही सेंसर सक्रिय हो जाएगा और थूकते ही तेज अलार्म बजने लगेगा।

वहीं दूसरी ओर, स्कूल जाते समय अचानक बारिश में बस्तों और किताबों के भीगने की चिंता को तृषा कमलेश ने वेदर गार्ड स्मार्ट बैग बनाकर दूर कर दिया है। बैग में लगे खास सेंसर पानी की एक बूंद गिरते ही चंद सेकंड में खुद-ब-खुद छाता खोल देते हैं। यह तकनीक न केवल बच्चों की किताबों को सुरक्षित रखेगी बल्कि उन्हें भीगने से भी बचाएगी।

स्वामी आत्मानंद स्कूल दयालबंद में आयोजित कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल ने दोनों नन्हें वैज्ञानिकों की अनूठी मेधा का सम्मान करते हुए पांच-पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत पूरे प्रदेश से चुने गए 20 माडलों में बिलासपुर की बेटियों के माडल भी शामिल हैं।

चार सितंबर को रायपुर में तराशी जाएगी तकनीक
राष्ट्रीय स्पर्धा के अंतिम पड़ाव से पहले दोनों छात्राएं चार सितंबर को रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय मेंटरशिप शिविर में हिस्सा लेंगी। वहां तकनीकी और वैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम दोनों छात्राओं के माडल्स को परखेगी तथा सर्किट, कोडिंग व सेंसर डिजाइन को और अधिक मजबूत बनाकर राष्ट्रीय स्तर की मुख्य प्रतियोगिता के लिए तैयार करेगी।

15 सितंबर तक नवाचार पंजीयन का मौका
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना में नए सत्र के लिए आनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के प्रत्येक विद्यालय से पांच उत्कृष्ट और नवाचारी वैज्ञानिक विचारों का चयन कर 15 सितंबर तक पोर्टल पर अपलोड किया जा सकता है। चयनित प्रतिभागियों को अपने माडल निर्माण के लिए विभाग की ओर से सीधी आर्थिक मदद दी जाती है।

 ग्रामीण अंचल की छात्राओं ने सीमित संसाधनों के बीच बेहतरीन वैज्ञानिक सोच का प्रदर्शन किया है। यह पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है और इससे अन्य छात्रों में भी शोध की ललक बढ़ेगी। राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए दोनों छात्राओं को विभाग हर जरूरी मेंटरशिप और तकनीकी मार्गदर्शन देगा।

    भूपेंद्र कौशिक, बीईओ बिल्हा ब्लाक

 

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