रायपुर में ‘क्रिएटिव वॉयसेज’ मीटअप में बच्चों के लिए चेंजमेकर्स के रूप में एकजुट हुए क्रिएटर्स
इन्फ्लुएंसर्स, कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स ने बच्चों के अधिकार, स्वास्थ्य और सकारात्मक बदलाव लाने में सोशल मीडिया की भूमिका पर की चर्चा
रायपुर, 25 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में बच्चों से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता और सार्थक संवाद को बढ़ावा देने में क्रिएटिव एवं सोशल मीडिया कम्युनिटी की भूमिका पर चर्चा के उद्देश्य से सोमवार शाम रायपुर में ‘क्रिएटिव वॉयसेज: ए मीटअप’ का आयोजन किया गया। इस अनौपचारिक संवाद में 30 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत एक रोचक परिचय गतिविधि से हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने परिचय को बचपन की यादों से जोड़ते हुए साझा किया। इस गतिविधि ने प्रतिभागियों को अपने बचपन के अनुभवों से जुड़ने और उन्हें आज के बच्चों की परिस्थितियों, आकांक्षाओं एवं चुनौतियों से जोड़कर देखने का अवसर दिया। अनौपचारिक और आत्मीय माहौल में हुई इस गतिविधि के माध्यम से कार्यक्रम की चर्चा को बच्चों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की ओर सहजता से आगे बढ़ाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अनिल गुलाटी, कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ तथा डॉ. गजेंद्र सिंह, हेल्थ स्पेशलिस्ट, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ ने प्रतिभागी इन्फ्लुएंसर्स, कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को समाज के ‘चेंजमेकर्स’ के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अपनी रचनात्मकता और व्यापक डिजिटल पहुंच के माध्यम से ये क्रिएटर्स समाज में महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद को दिशा देने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
श्री अनिल गुलाटी, जिन्होंने संवाद का संचालन एवं मार्गदर्शन किया, ने बच्चों से जुड़े मुद्दों के महत्व और उनके सामने मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ में बच्चों से जुड़े विषयों पर व्यापक और सार्थक विमर्श विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे एक समूह के रूप में साथ आएं, बच्चों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान करें और अपनी रचनात्मकता एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन विषयों को सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि इस सामूहिक प्रयास में यूनिसेफ तकनीकी ज्ञान और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग कर सकता है, ताकि क्रिएटर्स तथ्यों, विशेषज्ञता और प्रमाण-आधारित जानकारी को प्रभावशाली सोशल मीडिया कंटेंट में बदल सकें।
डॉ. गजेंद्र सिंह, हेल्थ स्पेशलिस्ट, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ ने बच्चों से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की। उन्होंने विशेष रूप से बाल स्वास्थ्य, शिशु मृत्यु दर और मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हुए बताया कि इनका बच्चों के जीवन, स्वास्थ्य, विकास और भविष्य पर गहरा एवं दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने इन विषयों पर समाज में अधिक जागरूकता और तथ्यपरक संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर श्वेताभ त्रिपाठी, हेल्थ ऑफिसर, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ ने भी अपने बचपन की कुछ स्मृतियां प्रतिभागियों के साथ साझा कीं।
वरिष्ठ पत्रकार श्री डी. श्याम कुमार ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने मैदानी अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों को प्रेरित किया और बताया कि जमीनी स्तर पर मुद्दों को समझना तथा उन्हें संवेदनशीलता और प्रामाणिकता के साथ लोगों तक पहुंचाना कितना महत्वपूर्ण है।
मीडिया प्रोफेशनल सुश्री सना तमकीन ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव तथा आम लोगों, विशेषकर युवा पीढ़ी के व्यवहार, सोच और विश्वासों को प्रभावित करने में कंटेंट क्रिएटर्स की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने प्रतिभागियों को सोशल मीडिया पर अपने प्रभाव का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने और बच्चों एवं उनकी जरूरतों की आवाज बनने के लिए प्रेरित किया, ताकि समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव को बढ़ावा दिया जा सके।
इस संवाद में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कलाकारों और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने भाग लिया। प्रतिभागियों में सुश्री प्रिया लालवानी, आरजे अनिमेष, सुश्री स्वाति खंडेलवाल, सुश्री अंजनी गांगुली, श्री स्पर्श लखानी, श्री तशीष उपाध्याय और श्री प्रियांशु सिंह, श्री देवेश बजाज, श्री रूबल सिंह, श्री सत्यम यदु, श्री अंकित दुबे, श्री राहुल गुप्ता, श्री प्रवीण त्रिपाठी सहित अन्य क्रिएटर्स शामिल रहे।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने बच्चों के लिए चेंजमेकर्स के रूप में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से सामने लाने, अपनी रचनात्मक आवाज और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों के अधिकारों, जरूरतों और कल्याण से जुड़े विषयों पर सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई।
‘क्रिएटिव वॉयसेज: ए मीटअप’ का उद्देश्य ऐसे क्रिएटर्स का एक समुदाय विकसित करना है, जो रचनात्मकता, प्रभाव और विश्वसनीय जानकारी को साथ लाकर छत्तीसगढ़ के बच्चों की आवाज और उनसे जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को व्यापक समाज तक पहुंचाने में योगदान दे सकें।

