हरियाणा में पानी बिल का नया फॉर्मूला, खपत के साथ प्लॉट का साइज भी होगा अहम
चंडीगढ़.
हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में पानी की नई दरों की व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब उपभोक्ता का पानी का खर्च सिर्फ उसकी खपत से तय नहीं होगा। घर में पानी का मीटर लगा है या नहीं और प्लॉट कितना बड़ा है, ये दोनों बातें पानी के मासिक बिल पर सीधा असर डालेंगी।
हरियाणा सरकार की नई व्यवस्था में हर साल पानी की दरों में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित हैं और शहरी निकाय विभाग द्वारा निर्धारित पानी की यह दरें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा निर्धारित दरों के बराबर होंगी। मीटर लगे घरेलू कनेक्शन में पानी की खपत के आधार पर स्लैब तय किए गए हैं। 10 किलोलीटर तक पानी की दर तीन रुपये प्रति किलोलीटर होगी। 10 से 20 किलोलीटर तक छह रुपये, 20 से 30 किलोलीटर तक 9.50 रुपये और 30 किलोलीटर से अधिक पानी की खपत पर 12 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से शुल्क लिया जाएगा। यानी पानी की खपत बढ़ने के साथ प्रति किलोलीटर दर भी बढ़ती जाएगी। खास बात यह है कि 500 वर्ग गज तक के प्लॉट वाले परिवारों को मीटरयुक्त कनेक्शन पर छूट मिलेगी। इससे छोटे प्लॉट वाले परिवारों को नई व्यवस्था में राहत मिल सकती है। हरियाणा के शहर निकाय विभाग की ओर से 18 अगस्त को बढ़ी हुई दरों की अधिसूचना जारी की गई है, जो कि 18 फरवरी 2027 से लागू मानी जाएगी।
घरेलू कनेक्शन के व्यावसायिक इस्तेमाल पर 500 रुपये जुर्माना
नई व्यवस्था में पानी की दरें हर साल पांच प्रतिशत बढ़ेंगी। इससे मौजूदा बिल के साथ आने वाले वर्षों में पानी पर होने वाला खर्च भी लगातार बढ़ता जाएगा। घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक इस्तेमाल करने पर 500 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जिन कनेक्शनों में मीटर लगा है, लेकिन नोटिस के बाद भी दो महीने से अधिक समय तक मीटर काम नहीं करता, उस कनेक्शन को बिना निकाय क्षेत्रों में शामिल गांवों में भी समान दरें लागू हरियाणा के नगर निकाय क्षेत्रों में आने वाले गांवों पर भी पानी और सीवरेज की यही दरें लागू होंगी। वहीं, संस्थाओं, औद्योगिक और वाणिज्यिक मीटरयुक्त जलापूर्ति के लिए 25 किलोलीटर तक 20 रुपये प्रति किलोलीटर, 25 से 50 किलोलीटर तक 25 रुपये, 50 से 100 किलोलीटर तक 30 रुपये और 100 किलोलीटर से अधिक आपूर्ति पर 35 रुपये प्रति किलोलीटर की दर तय की गई है।
पानी की खपत बढ़ी तो बिल भी तेजी से बढ़ेगा
बिना मीटर कनेक्शन वाले मकानों में प्रति 10 किलोलीटर तक की आपूर्ति पर कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके बाद पानी की खपत बढ़ने पर प्रति किलोलीटर तीन रुपये शुल्क लगेगा। 30 किलोलीटर से अधिक पानी की आपूर्ति पर 12 रुपये प्रति किलोलीटर की दर लागू होगी। पानी के बिल के साथ सीवरेज चार्ज भी जुड़ेगा। पानी के कुल बिल का 25 प्रतिशत सीवरेज चार्ज के रूप में लिया जाएगा। यानी उपभोक्ता पर पानी की कीमत के साथ सीवरेज का अतिरिक्त बोझ भी पड़ेगा।
बिना मीटर वाले मकानों को भी देना होगा शुल्क
बिना मीटर वाले मकानों के लिए यह शुल्क किया गया है निर्धारित बिना मीटर वाले मकानों के लिए पानी की खपत के बजाय प्लॉट के आकार को बिल का आधार बनाया गया है। 50 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 175 रुपये प्रतिमाह, 50 से 100 वर्ग मीटर तक 350 रुपये और 100 से 200 वर्ग मीटर तक 870 रुपये प्रतिमाह शुल्क निर्धारित किया गया है। 200 वर्ग मीटर से अधिक बड़े प्लॉट पर प्रत्येक अतिरिक्त 100 वर्ग मीटर की वृद्धि के लिए 700 रुपये तक अतिरिक्त प्रभार लिया जाएगा। यानी जिन घरों में मीटर नहीं है, वहां पानी का बिल इस बात से प्रभावित होगा कि मकान किस आकार के प्लॉट पर बना है।
