हरियाणा में सफाई कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई, हड़ताल के बीच 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त
चंडीगढ़
हरियाणा में एक महीने से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के अलग-अलग शहरी निकायों में कार्यरत पे रोल और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से लगे 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
इन कर्मचारियों के खिलाफ सफाई कार्य नहीं करने और काम कर रहे कर्मचारियों को भी काम करने से रोकने के आरोप में एफआइआर दर्ज है। हड़ताल लंबी खिंचने के साथ ही प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है।
सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच मुख्य गतिरोध नियमितीकरण को लेकर है। प्रदेश सरकार कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगें मान चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी विधानसभा में कहा है कि कर्मचारियों की 12 मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं और अदालत में विचाराधीन मामलों में न्यायालय के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की ओर से कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के दायरे में लाने की पेशकश की गई है। इसका मतलब पात्र कर्मचारियों को नौकरी में एक निश्चित सुरक्षा मिलेगी और उन्हें अचानक सेवा से बाहर किए जाने की आशंका कम होगी।
सरकार के मुताबिक एचकेआरएन के तहत कर्मचारियों को व्यवस्थित और संस्थागत व्यवस्था देने का उद्देश्य भी ठेकेदारों और बिचौलियों की भूमिका को खत्म करना है। एचकेआरएन में समान श्रेणी के काम के लिए मानकीकृत वेतन व्यवस्था लागू है और सरकार इसे कर्मचारी-केंद्रित व्यवस्था बता रही है।
सरकार ने सेवा सुरक्षा को लेकर यह भी कहा है कि पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ देने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार 31 अगस्त तक सेवा सुरक्षा पोर्टल पर 62,497 आवेदन मिले थे, जिनमें से हजारों आवेदनों को संबंधित अधिकारियों की ओर से मंजूरी दी जा चुकी थी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अगले दो माह में कोई भी पात्र कर्मचारी सेवा सुरक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
दूसरी ओर, हड़ताली कर्मचारी सेवा सुरक्षा के बजाय नियमितीकरण की मांग पर अड़े हुए हैं। यही मुद्दा सरकार और कर्मचारियों के बीच समझौते में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। हाल के दिनों में हड़ताल के कारण गुरुग्राम समेत कई शहरों में कचरा उठाने और सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा है। गुरुग्राम में हड़ताल के 31वें दिन कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप सिर मुंडवाकर प्रदर्शन किया और मंत्री के आवास की ओर मार्च किया।
सरकार की ओर से 12 मांगें मान लिए जाने के बावजूद हड़ताल समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में 30 कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई से विवाद और बढ़ने के आसार हैं। अब सरकार का जोर सेवा सुरक्षा और मौजूदा रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने पर है, जबकि कर्मचारी नियमित सरकारी सेवा का दर्जा चाहते हैं। दोनों पक्षों के बीच इसी बिंदु पर गतिरोध बना हुआ है।
