September 11, 2026

भोपाल में फर्जी पासपोर्ट रैकेट का खुलासा! एक ही मठ के पते पर बने 40 पासपोर्ट, पुलिस वेरिफिकेशन पर सवाल

0
11A_94.jpg

भोपाल 

भोपाल में सामने आए संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच अब सिर्फ फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश एसटीएफ इस बात की पड़ताल कर रही है कि अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते का इस्तेमाल कर करीब 40 लोगों ने भारतीय पासपोर्ट कैसे हासिल कर लिए। जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद सरकारी रिकॉर्ड और पासपोर्ट आवेदन की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। एसटीएफ करीब 70 पासपोर्ट की जांच कर रही है। इनमें से बड़ी संख्या में पासपोर्ट 2021-22 में जारी हुए थे। जांच एजेंसियां अब संबंधित पासपोर्ट धारकों के वास्तविक पते, पहचान और दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं। इसके लिए टीमों को मध्यप्रदेश के साथ असम और अन्य स्थानों पर भी भेजा गया है। 

जांच का अहम पहलू यह है कि आवेदकों के पते और पहचान की फील्ड वेरिफिकेशन पुलिसकर्मियों ने किस आधार पर की। अधिकारियों को शुरुआती जांच में वेरिफिकेशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। अब यह देखा जा रहा है कि क्या संबंधित अधिकारी वास्तव में मौके पर गए थे या दस्तावेजों के आधार पर ही सत्यापन कर दिया गया। एसटीएफ यह भी पता लगा रही है कि फर्जी पते और पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने में नगर निकाय या अन्य सरकारी कर्मचारियों की क्या भूमिका रही। यदि किसी सरकारी रिकॉर्ड या प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल पासपोर्ट हासिल करने के लिए हुआ है तो उसकी पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है।

मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि कुछ पासपोर्ट धारकों के विदेश जाने के रिकॉर्ड भी मिले हैं। जांच में कंबोडिया, स्पेन, थाईलैंड और इंडोनेशिया से जुड़े ट्रैवल ट्रेल सामने आए हैं। अब एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि इन पासपोर्ट का इस्तेमाल सिर्फ भारतीय पहचान बनाने के लिए किया गया था या इसके पीछे विदेश जाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी। एसटीएफ ने पहले ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पते और पहचान तैयार कर पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच आगे बढ़ने के साथ करीब 100 लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *