September 18, 2026

पीएमएफएमई योजना से सुजय सिंह ने साकार किया आत्मनिर्भरता का सपना

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अनूपपुर
 सकारात्मक सोच, दृढ़ संकल्प और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर व्यक्ति अपने सपनों को नई दिशा दे सकता है। अनूपपुर नगर के  सुजय सिंह ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना का लाभ लेकर अपने आटा चक्की इकाई व्यवसाय का सपना साकार किया है। आज वे स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ ही अन्य लोगों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं।  सुजय सिंह की इच्छा थी कि वे स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। उनका सपना आटा मिल स्थापित करने का था, लेकिन आर्थिक संसाधनों के अभाव में वे इस दिशा में आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग की पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर आटा चक्की मिल इकाई की स्थापना की।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत  सिंह को 6.86 लाख रुपये की परियोजना लागत वाली आटा चक्की मिल इकाई के लिए सहायता प्राप्त हुई, जिसमें 2.50 लाख रुपये की अनुदान राशि शामिल है। उन्होंने अगस्त 2025 में अपनी इकाई का संचालन प्रारंभ किया। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासों का परिणाम रहा कि सितंबर 2026 तक उन्हें इकाई से प्रतिमाह लगभग 60 से 70 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त होने लगी।

 सिंह ने अपनी इकाई में चार लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। इस तरह वे अब स्वयं रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्ति से आगे बढ़कर दूसरों को रोजगार देने वाले उद्यमी बन गए हैं। उनके द्वारा ‘उर्मिका फूड’ नाम से अपने व्यवसाय का संचालन किया जा रहा है।  सुजय सिंह बताते हैं कि शासकीय योजनाएं आमजन को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके अनुसार, यदि व्यक्ति को सही समय पर शासकीय योजना का सहयोग मिले और वह सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े, तो अपने सपनों को साकार किया जा सकता है।

उन्होंने पीएमएफएमई योजना के माध्यम से स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने अन्य युवाओं एवं इच्छुक नागरिकों से अपील की कि वे शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ उठाएं और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएं।  सुजय सिंह की यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं।

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