September 21, 2026

Tata Group में बढ़ा विवाद, चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर टाटा ट्रस्ट्स ने उतारे सिंघवी

0
194-1.jpg

नई दिल्ली
टाटा ग्रुप के अंदर चल रही वर्चस्व की लड़ाई अब कोर्ट तक पहुंच सकती है। टाटा ट्रस्ट्स ने सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघिवी को कानूनी सलाह और प्रतिनिधित्व के लिए नियुक्त किया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब टाटा संस के बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को फिर से चेयरमैन नियुक्त करने पर सहमति दे दी। जिसके बाद टाटा ट्रस्ट्स के मुखिया नोएल टाटा ने बयान जारी कर इस नियुक्ति को नियमों के खिलाफ बताया था।

सिंघवी ने क्या कुछ कहा?
इस नियुक्ति के बाद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उन्हें बहुत दुख और अफसोस के साथ इस पूरे मामले का हिस्सा बनना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे रतन टाटा के साथ काम कर चुके हैं। साथ इस मामले के दोनों पक्षों को भी अच्छे से जानते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सिंघवी लिखते हैं, 'शेयरहोल्डर के मालिकाना हक को बेकार कर देने से सैकड़ों भारतीय कंपनियों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। इससे उनके कॉरपोरेट गवर्नेंस का बुरा नतीजा निकलेगा।'

उन्होंने टाटा-मिस्त्री विवाद को भी जिक्र अपने पोस्ट में किया है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस विवाद पर टाटा ट्रस्ट्स को स्पष्ट तौर पर प्राथमिकता दी गई थी। सिंघवी लिखते हैं कि उस फैसले को भुला दिया गया है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आपसी सहयोग और सौहार्द की कमी की वजह से इस पूरे मामले में अब समाधान का सिर्फ कानूनी तरीका ही बचा है।

एन चंद्रेशखरन की नियुक्ति के बाद खड़ा हुआ विवाद
टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का कार्यकाल अगले साल फरवरी में समाप्त हो रहा है। उन्होंने फिर से खुद को ना चुनने की अपील की थी। लेकिन 17 सितंबर को टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में फिर से उन्हें चेयरमैन नियुक्त करने का फैसला किया। इस नियुक्ति का टाटा ट्र्स्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने विरोध किया। बता दें, टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की कुल हिस्सेदारी 66 प्रतिशत की है।

इन सबके बीच रिजर्व बैंक ने टाटा संस के एनबीएफसी ना मानने की अपील ठुकरा दी थी। जिसके बाद अब टाटा संस की लिस्टिंग मौजूदा नियमों के अनुसार अनिवार्य हो गई है। वहीं, टाटा ट्रस्ट्स ऐसा नहीं चाहता है। वह लिस्टिंग को लेकर सहमत नहीं है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *