September 24, 2026

जालंधर में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ पर नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

0
Punjab_News_03-2-14.jpg

जालंधर.

वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) नहीं है या नंबर प्लेट के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है तो अब जालंधर में ऐसे वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं मिलेगा।

कमिश्नरेट पुलिस ने बिना नंबर प्लेट, जरूरी एचएसआरपी के बिना चल रहे वाहनों के साथ-साथ टूटी, मुड़ी, क्षतिग्रस्त, बदली या जानबूझकर संशोधित नंबर प्लेट वाले वाहनों को ईंधन देने पर रोक लगा दी है। पुलिस का यह आदेश 21 सितंबर 2026 से लागू हो चुका है और 20 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह ने धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। इस व्यवस्था की निगरानी डीसीपी जसरूप कौर बाठ करेंगी। पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट वाहन की पहचान का प्रमुख माध्यम है। इसे छिपाकर या बदलकर वाहन चलाने से यातायात नियमों के उल्लंघन के साथ अपराध की जांच में भी परेशानी होती है। ऐसे में ईंधन बिक्री को वैध नंबर प्लेट से जोड़ने का उद्देश्य वाहन की पहचान सुनिश्चित करना है।

नंबर प्लेट नहीं तो पंप पर ही रुक जाएगी गाड़ी
नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंप, डीजल डिस्पेंसिंग स्टेशन और सीएनजी स्टेशन पर वाहन में ईंधन भरने से पहले नंबर प्लेट की स्थिति देखी जाएगी। यदि वाहन पर नंबर प्लेट नहीं है या जिस वाहन पर एचएसआरपी लगना जरूरी है, उस पर एचएसआरपी नहीं लगी है तो उसे ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसी तरह प्लेट टूटी हुई, मुड़ी हुई, क्षतिग्रस्त या ऐसी स्थिति में है जिससे वाहन का पंजीकरण नंबर स्पष्ट नहीं हो रहा, तो भी ईंधन देने पर रोक रहेगी। यदि नंबर प्लेट में बदलाव या छेड़छाड़ के संकेत मिलते हैं तो पंप संचालक को पुलिस को इसकी सूचना देनी होगी।

छेड़छाड़ वाली प्लेट पर खास नजर
पुलिस के आदेश में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ को विशेष रूप से शामिल किया गया है। कई बार वाहन की पहचान छिपाने के लिए नंबर प्लेट को मोड़ दिया जाता है, उस पर कोई सामग्री लगा दी जाती है या प्लेट को इस तरह बदला जाता है कि नंबर स्पष्ट दिखाई न दे। ऐसे वाहनों को भी ईंधन नहीं मिलेगा। पंप कर्मचारी संदिग्ध वाहन के मेक, माडल, रंग और आने-जाने की दिशा जैसी जानकारी संभव होने पर नोट कर सकते हैं। पुलिस को सूचना मिलने पर सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से वाहन की गतिविधि की जांच की जा सकेगी।

पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी अनिवार्य
आदेश के तहत सभी ईंधन स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरे चालू रखना जरूरी होगा। प्रवेश और निकास स्थान, ईंधन भरने का क्षेत्र, आने-जाने वाले वाहनों, भुगतान क्षेत्र और जहां संभव हो वहां वाहन की नंबर प्लेट की रिकार्डिंग होनी चाहिए। कानूनी और तकनीकी रूप से संभव होने पर पंप के सामने और उससे जुड़ी सड़क की भी निगरानी करनी होगी। सीसीटीवी फुटेज को कम से कम दो महीने तक सुरक्षित रखना होगा। इससे पुलिस को घटना के बाद संदिग्ध वाहन की तलाश करने में मदद मिल सकती है।

वारदात के बाद भागने वाले वाहन की पहचान में मदद
पुलिस की इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू अपराध की जांच से जुड़ा है। यदि किसी वारदात में इस्तेमाल वाहन पर नंबर प्लेट नहीं है या उसके साथ छेड़छाड़ की गई है, तो उसके पेट्रोल पंप तक पहुंचने पर पुलिस को सूचना मिल सकती है। पंप की सीसीटीवी फुटेज से वाहन का रंग, माडल और आवाजाही का समय सामने आ सकता है। जांच के दौरान पुलिस इन फुटेज को शहर के अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग से जोड़कर वाहन के संभावित रूट का पता लगा सकती है। इस तरह पेट्रोल पंप की फुटेज किसी आपराधिक मामले में एक अतिरिक्त जांच कड़ी बन सकती है।

नए और आपातकालीन वाहनों को छूट
इस आदेश में कुछ वाहनों को छूट दी गई है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, फायर सर्विस और आपातकालीन सेवा वाले वाहनों पर यह रोक लागू नहीं होगी। नए खरीदे गए ऐसे वाहन, जिनके लिए सक्षम प्राधिकारी की ओर से वैध पंजीकरण नंबर जारी किया गया है, उन्हें भी ईंधन दिया जा सकेगा। वैध अस्थायी पंजीकरण नंबर वाले वाहनों को भी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण प्रस्तुत करने पर ईंधन दिया जाएगा।

पंप संचालकों की जिम्मेदारी बढ़ी
पेट्रोल पंप संचालकों को पंजाबी और अंग्रेजी में प्रमुख स्थान पर नोटिस लगाकर ग्राहकों को इस नियम की जानकारी देनी होगी। संदिग्ध नंबर प्लेट वाला वाहन मिलने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देनी होगी। पुलिस के आदेश का पालन नहीं करने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

फायदा क्या होगा?
इस व्यवस्था से वाहन मालिकों पर वैध नंबर प्लेट लगाने का दबाव बढ़ेगा। साथ ही बिना नंबर या छेड़छाड़ वाली प्लेट वाले वाहनों की पहचान आसान हो सकती है। अपराध की जांच में पेट्रोल पंपों की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को अतिरिक्त सुराग दे सकती है। ध्यान रखने वाली बात: वाहन मालिक पेट्रोल पंप पर परेशानी से बचने के लिए अपने वाहन की नंबर प्लेट सही स्थिति में रखें और जहां लागू हो वहां एचएसआरपी लगवाएं। पंप संचालकों के लिए कैमरों की गुणवत्ता और दो महीने तक फुटेज सुरक्षित रखना भी अहम जिम्मेदारी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *