September 24, 2026

उज्जैन में CM डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी सड़क चौड़ीकरण की जद में, घर पर लगा लाल निशान

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उज्जैन 

 विकास के लिए अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी सड़क चौड़ीकरण की जद में आ गया है। नगर निगम ने मार्ग चौड़ा करने के लिए उनके, उनकी बहन तथा नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव के मकान सहित 272 मकानों पर लाल निशान लगाया है। बताया कि मार्ग चौड़ा करने के लिए मकान का कितना हिस्सा तोड़ना जरूरी है।

खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसकी नपती और मकानों पर निशान लगाने की कार्रवाई काफी हद तक पूरी हो चुकी है। करीब 9.80 करोड़ रुपये की इस परियोजना में सड़क की तय सीमा को आधार बनाया गया है।

यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बन गई है

मुख्यमंत्री परिवार की संपत्ति भी इसी प्रक्रिया में चिह्नित होने से यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बन गई है। खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक का यह मार्ग पुराने शहर की महत्वपूर्ण कड़ी है। सिंहस्थ 2028 के दौरान बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए इसे चौड़ा करने की योजना बनाई गई है। निगम की टीम प्रभावित भवनों की नपती और मार्किंग कर रही है। अब अगले चरण में प्रभावित संपत्तियों और उनके हिस्सों को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

1974 में बना था मुख्यमंत्री का पैतृक मकान

मुख्यमंत्री का पैतृक मकान वर्ष 1974 में उनके दादा रामचंद्र यादव ने बनवाया था। इसी मकान में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, भाई नंदलाल यादव, नारायण यादव और ग्यारसी बाई का बचपन बीता। वर्तमान में मुख्यमंत्री के चाचा शंकरलाल यादव का परिवार यहां निवास करता है। चौड़ीकरण के लिए इस मकान के प्रभावित हिस्से पर भी निगम ने लाल निशान लगाया है।

‘हमारा मकान भी आ रहा, विकास में सहयोग करेंगे’

निगम अध्यक्ष कलावती यादव ने ‘नईदुनिया’ से कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक सड़क चौड़ीकरण में उनका पैतृक मकान भी आ रहा है। क्षेत्र के सभी लोग उनके परिवार जैसे हैं। विकास कार्य में किसी के साथ भाजपा-कांग्रेस या हिंदू-मुस्लिम के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रभावित नागरिकों की समस्याओं को अधिकारियों के साथ चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।
62 सड़कों का चौड़ीकरण, 29 किमी घाट भी

सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में 62 प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण की योजना पर काम चल रहा है। शिप्रा के दोनों किनारों पर करीब 29 किलोमीटर घाटों का विकास किया जाएगा। सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी डैम और खान डायवर्जन जैसी बड़ी परियोजनाएं भी इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा हैं।

कंठाल, तेलीवाड़ा और सराफा क्षेत्र में चौड़ीकरण का काम पूरा हो चुका है। अब पुराने शहर के इस मार्ग पर 272 भवनों की मार्किंग ने सिंहस्थ की तैयारियों के बीच होने वाले बड़े बदलाव की तस्वीर सामने ला दी है।

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