अलवर में 583 डीजल ऑटो पर बड़ा फैसला, 31 दिसंबर तक हटाने होंगे सभी वाहन
अलवर
एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन वाहनों के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। इसी के तहत अलवर में भी डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। प्रादेशिक परिवहन कार्यालय, अलवर के क्षेत्राधिकार में वर्तमान में 583 डीजल ऑटो रिक्शा पंजीकृत हैं। इन सभी वाहनों को 31 दिसंबर 2026 तक प्रचलन से बाहर करना अनिवार्य है।
परिवहन विभाग की ओर से डीजल ऑटो रिक्शा के वाहन मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसमें उन्हें तय समय सीमा से पहले अपने वाहन को स्वच्छ ईंधन विकल्प में बदलने या अपग्रेड करने के लिए कहा जा रहा है। वाहन मालिक डीजल ऑटो को सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन में बदल सकते हैं।
एनसीआर क्षेत्र में नए डीजल ऑटो रिक्शा के पंजीयन पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है। 1 जनवरी 2023 से एनसीआर में नए डीजल ऑटो का पंजीयन प्रतिबंधित है। अब पुराने डीजल ऑटो को भी 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह हटाना होगा।
इसके बाद 1 जनवरी 2027 से एनसीआर क्षेत्र में केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक ईंधन से चलने वाले ऑटो रिक्शा के संचालन की अनुमति होगी। ऐसे में अलवर में चल रहे 583 डीजल ऑटो रिक्शा के मालिकों को आने वाले समय में अपने वाहन बदलने या स्वच्छ ईंधन विकल्प अपनाने होंगे।
मंडी मोड़ पर ऑटो चालकों को दी जानकारी
परिवहन कार्यालय की ओर से मंडी मोड़ स्टैंड, अलवर पर ऑटो रिक्शा संचालकों को नियमों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ऑटो चालकों को बताया कि 31 दिसंबर 2026 तक डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा को कार्यालय के क्षेत्राधिकार से बाहर करना होगा।
ऑटो संचालकों को यह भी समझाया गया कि तय समय सीमा के बाद डीजल ऑटो चलाने पर विभाग की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग अब पंजीकृत डीजल ऑटो मालिकों तक नियमों की जानकारी पहुंचाने में जुटा है।
प्रदूषण कम करने के लिए नियम
एनसीआर क्षेत्र में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए सार्वजनिक परिवहन के वाहनों को स्वच्छ ईंधन की ओर ले जाने की योजना के तहत यह व्यवस्था लागू की जा रही है। डीजल ऑटो की जगह सीएनजी और इलेक्ट्रिक ऑटो को बढ़ावा मिलने से परिवहन क्षेत्र से होने वाले उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य है।
अलवर एनसीआर का हिस्सा होने के कारण यहां भी इन नियमों को लागू किया जा रहा है। अब डीजल ऑटो मालिकों के पास 31 दिसंबर 2026 तक अपने वाहन को बदलने या स्वच्छ ईंधन विकल्प अपनाने का समय है। 1 जनवरी 2027 के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजल ऑटो के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी।
