केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन
भोपाल
केंद्रीय गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में नवीन न्याय संहिताओं के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से भोपाल में पाँच दिवसीय भव्य प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी का उद्घाटन 3 अक्टूबर को माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा किया जाएगा। यह प्रदर्शनी 3 से 7 अक्टूबर 2026 तक बीएचईएल दशहरा मैदान, गोविंदपुरा, भोपाल में आयोजित होगी।
नवीन न्यायिक संहिता के अनुरूप आधुनिक एवं वैज्ञानिक अन्वेषण प्रणाली का सजीव प्रदर्शन
प्रदर्शनी में नवीन न्यायिक संहिता के अनुरूप अपराध नियंत्रण, अन्वेषण तथा वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल, सहज एवं सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें घटना घटित होने से लेकर साक्ष्य संकलन, वैज्ञानिक परीक्षण, अपराधियों की पहचान तथा न्याय दिलाने तक की कार्रवाई को क्रमबद्ध तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके अंतर्गत घटना की सूचना डायल-112 अथवा ई-एफआईआर के माध्यम से प्राप्त होने के बाद पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया, थाना स्टाफ के घटनास्थल पर पहुंचने तथा आवश्यकता के अनुसार फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड एवं फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई का सजीव प्रदर्शन होगा। घटनास्थल से तकनीकी एवं वैज्ञानिक विधियों से साक्ष्य एवं नमूने एकत्र करने तथा उनकी सुरक्षित प्रक्रिया को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
वैज्ञानिक साक्ष्यों से अपराध के खुलासे तक की पूरी प्रक्रिया
प्रदर्शनी में संकलित साक्ष्यों एवं प्राप्त चिन्हों के तकनीकी परीक्षण और उपलब्ध पुलिस प्रणालियों के माध्यम से मिलान की प्रक्रिया को समझाया जाएगा। साक्ष्यों को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) तथा आवश्यकतानुसार मेडिको-लीगल जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की जाएगी। वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराध की विवेचना को मजबूत बनाने तथा प्राप्त निष्कर्षों को प्रभावी ढंग से न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की कार्यप्रणाली को भी सजीव दर्शाया जाएगा।
तकनीक और लाइव डेमो होंगे प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षण
प्रदर्शनी में क्राइम सीन के 3D मॉडल, डिजिटल डिस्प्ले, वीडियो तथा लाइव डेमो के माध्यम से आधुनिक अन्वेषण प्रणाली को प्रदर्शित किया जाएगा। क्राइम सीन पर साक्ष्य संकलन और वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया का सजीव प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। साइबर सुरक्षा के लिए ‘सेफ क्लिक अभियान’ तथा ऑनलाइन ई-जीरो एफआईआर की जानकारी भी नागरिकों को दी जाएगी।
इसके साथ ही ऑपरेशन मुस्कान, महिला हेल्प डेस्क एवं ‘Say No to Drugs’ जैसे जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से पुलिस की नागरिक-केंद्रित भूमिका को प्रदर्शित किया जाएगा। नागरिकों एवं विद्यार्थियों के लिए नवीन न्याय संहिताओं पर आधारित लाइव डिजिटल क्विज़ का भी आयोजन होगा।
पुलिस की प्रमुख उपलब्धियों की भी होगी प्रस्तुति
प्रदर्शनी में आधुनिक एवं वैज्ञानिक अन्वेषण प्रणाली के सजीव प्रदर्शन के साथ मध्यप्रदेश पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। साइबर अपराधों की रोकथाम एवं उनके खुलासे में किए गए चलाये गए 'सेफ़ क्लिक’ अभियान, CCTNS के माध्यम से तकनीकी नवाचार एवं नेटवर्क के सफल क्रियान्वयन तथा नारकोटिक्स द्वारा चलाए गए ‘नशे से दूरी हे जरूरी' अभियानों और उनमें प्राप्त प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
नागरिकों के लिए आधुनिक न्याय व्यवस्था को समझने का अवसर
प्रदर्शनी का उद्देश्य नागरिकों को नवीन न्याय संहिताओं में हुए महत्वपूर्ण बदलावों, अन्वेषण में तकनीक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के बढ़ते उपयोग तथा अपराध नियंत्रण की आधुनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराना है। प्रदर्शनी के माध्यम से पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया से लेकर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और उनके परीक्षण तक की प्रक्रिया को सरल एवं सहज तरीके से समझाया जाएगा।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों, विद्यार्थियों एवं युवाओं से प्रदर्शनी में सहभागिता कर आधुनिक एवं वैज्ञानिक अन्वेषण प्रणाली तथा नवीन न्याय संहिताओं को समझने का आग्रह किया गया है।
