अब पलायन नहीं, अपनी माटी में हुनर दिखा रहे कारीगर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
भदोही
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश में कभी कारीगर और हस्तशिल्पी रोजी-रोजगार के लिए पलायन को मजबूर थे, आज उन्हें अपनी ही माटी में हुनर दिखाने का मंच मिल रहा है। तकनीक, डिजाइन और बाजार के साथ बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षा मिली है। भदोही का कालीन आज दुनिया के बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री रविवार को संत रविदास नगर, भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में चार से सात अक्टूबर तक आयोजित इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने फीता काटकर एक्सपो का शुभारंभ किया और स्टॉलों पर जाकर कारीगरों व हस्तशिल्पियों के उत्पाद देखे। एक्सपो में 227 से अधिक एग्जीबिटर्स और 65 देशों के 450 से अधिक विदेशी बायर्स हिस्सा ले रहे हैं। इनमें ब्रिक्स देशों के 106 बायर्स हैं।
ओडीओपी ने कालीन को दिया बड़ा बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में हताशा और निराशा थी। दंगा, कर्फ्यू, उपद्रव और माफियागिरी के कारण कारोबार का माहौल नहीं था। कारीगर को काम नहीं मिलता था और देशी-विदेशी खरीदार भी नहीं आते थे। सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में भदोही के कालीन को शामिल कर कारीगरों को तकनीक, डिजाइन और बाजार से जोड़ा।
सिल्क क्लस्टर से ₹6,100 करोड़ का निर्यात
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास नगर और सिल्क क्लस्टर से ₹6,100 करोड़ का निर्यात हो रहा है। देश के कुल कालीन निर्यात में संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी के सिल्क क्लस्टर की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है। अकेले संत रविदास नगर में 2,500 एमएसएमई यूनिट हैं, जिनका वार्षिक टर्नओवर ₹10 हजार करोड़ है। इस उद्योग से पांच लाख से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिला है।
उन्होंने बताया कि जनपद में निर्मित 90 प्रतिशत कालीन अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन समेत विभिन्न देशों को निर्यात किए जाते हैं। भदोही के हस्तनिर्मित कालीन को जीआई टैग भी मिला है। कारपेट और टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में तकनीकी शिक्षा, डिजाइनिंग और डाइंग के प्रशिक्षण के लिए भदोही में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कारपेट टेक्नोलॉजी स्थापित है।
छह घंटे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ कालीन उद्योग को मिल रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे का विंध्य एक्सप्रेसवे के रूप में विस्तार होने पर संत रविदास नगर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट छह घंटे में पहुंचा जा सकेगा। वहां की कार्गो सुविधा से भदोही की कालीन दुनिया के बाजार तक आसानी से पहुंच सकेगी। साथ ही वाराणसी से हल्दिया के बीच इनलैंड वाटरवे और वाराणसी में लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी कार्गो सुविधा उपलब्ध है।
अब कोई माफिया नहीं धमका सकता व्यापारी को
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में उपद्रव, कर्फ्यू और दंगा नहीं होते। कोई माफिया खुली जीप में पिस्टल लहराकर किसी को धमका नहीं सकता और बेटी व व्यापारी की सुरक्षा में सेंध नहीं लगा सकता।
उन्होंने कहा कि प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ₹15 लाख करोड़ के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और साढ़े सात लाख करोड़ रुपये के उद्योग बहुत जल्द धरातल पर उतरने जा रहे है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट हैं और प्रत्येक यूनिट को पांच लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर दिया जा रहा है।
14 हजार से 35 हजार के पार पहुंचे कारखाने
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में करीब 14 हजार कारखाने थे, जिनकी संख्या अब 35 हजार से अधिक हो गई है। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह नोड पर काम चल रहा है और प्रदेश में 12 निजी औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसी व्यवस्थाओं के जरिये निवेशकों को सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा है।
नए संसद भवन में भी भदोही का कालीन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही के हुनरमंद हाथों से तैयार कालीन आज दुनिया के बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों की शोभा बढ़ा रहे हैं। देश के नए संसद भवन में बिछा कालीन भी संत रविदास नगर में तैयार हुआ है। जिले के पास जीआई टैग, ओडीओपी का प्लेटफार्म, कारपेट एक्सपो मार्ट और मजबूत निर्यात तंत्र है।
उन्होंने बताया कि लखनऊ और हरदोई के बीच एक हजार एकड़ में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल एंप्लॉयमेंट एंड स्किलिंग जोन बनाने की तैयारी है। यहां उद्योगों की मांग के अनुसार कुशल मैनपावर तैयार की जाएगी।
इंटरनेशनल ट्रेड शो से दुनिया ने देखी यूपी की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में छह लाख से अधिक विजिटर पहुंचे। डेढ़ लाख से अधिक बी2बी बैठकें हुईं। इसमें 2,400 से अधिक एग्जीबिटर्स और 650 से अधिक विदेशी खरीदार शामिल हुए।
कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी
कार्यक्रम में सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, औराई विधायक दीनानाथ भास्कर, ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे, सीईपीसी अध्यक्ष कैप्टन मुकेश गोम्बर, उपाध्यक्ष असलम महबूब, एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील और इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. राकेश शर्मा समेत कारीगर, हस्तशिल्पी, निर्यातक और देश-विदेश से आए खरीदार मौजूद रहे।
