October 11, 2026

बिहार में मोती पालन पर 60% सब्सिडी, किसान मछली के साथ मोती उगाकर कर सकेंगे डबल कमाई

0
130-5.jpg

 पटना
राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार मोती पालन को बढ़ावा दे रही है।

मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना के तहत इच्छुक किसानों को मोती पालन का प्रशिक्षण देने के साथ इकाई लागत पर 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।

इससे राज्य के किसान मछली पालन के साथ मोती उत्पादन कर डबल कमाई कर सकेंगे। इसी कड़ी में शेखपुरा, छपरा, बांका और सहरसा जिलों के कुल 89 प्रशिक्षणार्थियों को मोती पालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

छह दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 अक्टूबर से शुरू है। मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन के मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार केंद्र में मोती उत्पादन की तकनीक से लेकर उसकी व्यावहारिक प्रक्रिया तक की जानकारी दी जा रही है।

सीप में प्रत्यारोपण से लेकर सर्जरी तक का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान सीप की विभिन्न प्रजातियों, उनमें न्यूक्लियस प्रत्यारोपण तथा सर्जरी की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है।

प्रशिक्षणार्थियों को तकनीक की व्यावहारिक जानकारी देने के लिए अनुभवी मोती उत्पादकों की भी मदद ली जा रही है। बक्सर के मोती उत्पादक किसान धनजी कुशवाहा ने मोती पालन की तकनीक का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया।

वे कई वर्षों से मोती पालन कर रहे हैं और विभिन्न जिलों में किसानों को मोती पालन का प्रशिक्षण देते रहे हैं। वहीं, संयुक्त मत्स्य निदेशक (प्रशिक्षण एवं प्रसार) दिलीप कुमार सिंह ने सीप की प्रजातियों की जानकारी दी।

मोती पालन पर मिलेगा 60 प्रतिशत अनुदान
राज्य सरकार की मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 में सभी जिलों में लागू की गई है। इसका उद्देश्य देसी मछलियों की प्रजातियों का संरक्षण एवं संवर्द्धन करना है।

इसके साथ मत्स्य उत्पादन बढ़ाना और किसानों की वार्षिक आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत माइनर कार्प, कैटफिश, वायुश्वासी मछली, झींगा और मोती पालन जैसे विकल्पों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस योजना के तहत मोती पालन की आधा एकड़ इकाई के लिए 2.246 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है।

निर्धारित इकाई लागत के आधार पर लाभार्थी को अधिकतम 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। शेष राशि का वहन लाभार्थी को स्वयं या बैंक ऋण के माध्यम से करना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *