October 11, 2026

Amritsar News: संतान प्राप्ति की मन्नत पूरी होने पर बच्चों ने पहना ‘लंगूर का बाना’, मंदिर में उमड़ी भीड़

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अमृतसर.

पवित्र नगरी अमृतसर स्थित ऐतिहासिक श्री दुर्ग्याणा तीर्थ परिसर के बड़े हनुमान मंदिर में रविवार से प्रसिद्ध लंगूर मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले में भाग लेने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ मंदिर पहुंच रहे हैं।

लाल गोटेदार पोशाक, सिर पर शंकु आकार की टोपी और हाथ में छोटी छड़ी लिए नन्हे-मुन्ने बच्चे पूरे परिसर में बजरंगबली के स्वरूप में नजर आ रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा है।

संतान प्राप्ति की मन्नत से जुड़ी है गहरी आस्था
बड़े हनुमान मंदिर में लगने वाले इस मेले को लेकर श्रद्धालुओं में अटूट श्रद्धा है। मान्यता है कि जिन निसंतान दंपतियों की मनोकामना श्री हनुमान जी के आशीर्वाद से पूरी होती है, वे नवरात्र के दौरान अपने बच्चे को यहां लेकर आते हैं और उसे लंगूर का बाना पहनाते हैं। इस अवधि में बच्चों को साक्षात बजरंगबली का स्वरूप मानकर पूजा जाता है।

10 दिनों तक चलता है कठिन साधना का दौर
धार्मिक परंपरा के अनुसार, लंगूर का रूप धारण करने वाले बच्चों को नवरात्र के पूरे 10 दिनों तक इसी विशेष वेशभूषा में रहना पड़ता है। इस दौरान बच्चों और उनके परिजनों को कई कड़े नियमों व धार्मिक मर्यादाओं का पालन करना होता है। जमीन पर सोना, सात्विक दिनचर्या और विशेष पूजा-अर्चना इस साधना का हिस्सा होती है।

दशहरे के अगले दिन उतरता है चोला
मंदिर परंपरा के मुताबिक, विजयादशमी (रावण दहन) के अगले दिन सुबह लंगूर बने बच्चे बड़े हनुमान मंदिर में नतमस्तक होते हैं। इसके पश्चात विधि-विधान से उनका यह चोला उतारा जाता है और इसी के साथ नवरात्र से शुरू हुई 10 दिवसीय धार्मिक साधना संपन्न होती है। विशिष्ट आस्था और अनूठी संस्कृति को समेटे इस मेले को देखने और बाल-लंगूरों का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर परिसर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।

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